आरओबी निर्माण की प्रक्रिया तेज, जाम से मिलेगी मुक्ति

गति शक्ति योजना. जिला प्रशासन व रेलवे अधिकारियों ने प्रस्तावित जमीन की करायी मापी

साहिबगंज. साहिबगंज शहर को वर्षों से जाम की समस्या से जूझने वाले रेलवे फाटकों से मुक्ति दिलाने की दिशा में फिर हलचल तेज हो गयी है. पश्चिमी रेलवे फाटक गेट संख्या 82 और पूर्वी रेलवे फाटक के पास प्रस्तावित आरओबी निर्माण को लेकर रेलवे की गति शक्ति योजना के तहत जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जमीन अधिग्रहण के तहत एलाइनमेंट और मापी कार्य किया. शनिवार को हुई कार्रवाई में सदर एसडीओ अमर जॉन आइन्द, सदर अंचल अधिकारी बासुकीनाथ टुडू, रेलवे की ओर से गति शक्ति विभाग के सहायक अभियंता रणबीर कुमार सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रणधीर प्रसाद, अंचल कार्यालय के कर्मचारी संजय गुप्ता और अमीन शामिल थे. रेलवे की गति शक्ति यूनिट, सिग्नल एवं टेलीकॉम, ट्रैक, टीआरडी विभाग, पथ निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के अभियंताओं की 18 सदस्यीय संयुक्त टीम ने दोनों फाटकों पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण को लेकर तकनीकी निरीक्षण किया. गुजरात की कंसल्टेंसी एजेंसी कानूनी जियो डिजाइन एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, बड़ोदरा की तकनीकी टीम ने रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर एलाइनमेंट तय किया. पश्चिमी फाटक पर 17 पीलरों का बनेगा पुल, मुख्य सड़क से जुड़ेगा पश्चिमी फाटक गेट संख्या 82 पर बनने वाला आरओबी 17 पीलरों पर आधारित होगा और पटेल चौक से बादशाह चौक होते हुए गोराबाड़ी हटिया और सदर प्रखंड कार्यालय के पास मुख्य सड़क से जुड़ेगा. पूर्वी फाटक के समीप प्रस्तावित आरओबी लगभग 29 पिलरों पर आधारित होगा और सुभाष चौक से जिरवाबाड़ी की ओर जायेगा. तकनीकी टीम ने निरीक्षण के दौरान रेलवे पटरियों, ओएचई तारों की ऊंचाई, सिग्नल सिस्टम, भविष्य की फोर लाइन परियोजना और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की. अधिकारियों का दावा है कि आरओबी का डिजाइन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है. हालांकि आरओबी निर्माण की मापी प्रक्रिया के बीच आर्थिक नाकेबंदी का मुद्दा भी सामने आया है. पत्थर व्यवसायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक संगठनों ने रेलवे के खिलाफ यह कदम उठाया है. आरओबी के साथ रेलवे का चौमुखी विकास चाहिए : पंकज मिश्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव एवं प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने कहा कि साहिबगंज को केवल आरओबी ही नहीं, बल्कि रेलवे का चौमुखी विकास चाहिए, जिसमें यात्री सुविधाएं, ट्रेनों का ठहराव, रेल लाइन विस्तार और रोजगार से जुड़े मुद्दे शामिल हों. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा, जब तक रेलवे न्यायसंगत कदम नहीं उठाता. मापी के दौरान रेलवे फाटक बंद रहने से लोगों को जाम का सामना करना पड़ा. हालांकि, इस बार नाराजगी की बजाय उम्मीद अधिक देखने को मिली. स्थानीय लोगों का मानना है कि जब मापी के बाद समयबद्ध तरीके से टेंडर और निर्माण कार्य शुरू होगा, तभी जनता का भरोसा मजबूत होगा. कुल मिलाकर, साहिबगंज में आरओबी निर्माण की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक साबित हो सकता है. लेकिन आर्थिक नाकाबंदी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जनता केवल आश्वासन नहीं, ठोस परिणाम चाहती है.

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Published by: Abdhesh singh

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