पतना : ‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है’ पंक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है पतना प्रखंड के छोटा रांगा निवासी स्व. समशुल हक अंसारी एवं हबीबा खातून के पुत्र मो. रिजवान ने. उन्होंने मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन के बल पर यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता हासिल की है. 28 अगस्त की रात जारी परीक्षा परिणाम में रिजवान ने भूगोल विषय में 300 में से 214 अंक प्राप्त किये. उनकी सफलता से परिजनों और मित्रों में खुशी का माहौल है.
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
रिजवान ने बताया कि उन्होंने माध्यमिक शिक्षा ऋषि मिशन हाई स्कूल, उच्च माध्यमिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय फरक्का, स्नातक बीएसके कॉलेज बरहरवा और परास्नातक की पढ़ाई सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के पीजी विभाग से पूरी की है. यूजीसी नेट में यह उनका तीसरा प्रयास था. पिछले दो प्रयासों में असफल रहने के बाद उन्होंने अपनी कमियों को दूर करते हुए स्व-अध्ययन, समय प्रबंधन, अनुशासन और धैर्य पर विशेष ध्यान दिया.
असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने की अपील
रिजवान ने कहा कि छोटे गांव से निकलकर भी ऊंचा मुकाम हासिल किया जा सकता है. असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर लगातार प्रयास करते रहना चाहिए. उन्होंने भावी परीक्षार्थियों से सही मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन पर ध्यान देने की अपील की.
शिक्षकों और परिजनों को दिया श्रेय
रिजवान ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, परिजनों और मित्रों को दिया. अब उनका लक्ष्य असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सेवा देना है.
