साहिबगंज
जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय ने झारखंड विकास परिषद के तत्वावधान में जिला स्तरीय एडवोकेसी बैठक का आयोजन किया. इसमें जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, सामाजिक कार्यकर्ता, बालक बाल गृह के सदस्य, स्वैच्छिक सहयोगी और परिषद के पदाधिकारी-कर्मी शामिल हुए. बैठक में प्री-रेस्टोरेशन और पुनर्वास की प्रक्रिया पर विशेष बल दिया गया. परिषद की सचिव सुभाषिनी ने कहा कि पीड़ित बच्चों और महिलाओं को स्वास्थ्य, कानूनी सहायता, परामर्श, आश्रय और शिक्षा उपलब्ध कराना उनका मौलिक अधिकार है. सामाजिक कार्यकर्ता मनोरंजन ने बच्चों के हितों की रक्षा के लिए बेहतर समन्वय की आवश्यकता बतायी. वहीं ममता कुमारी ने एएचटी क्लब, बाल मैत्री केंद्र और वीएलसीपीसी जैसी समितियों की भूमिका स्पष्ट की. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी ने राज्यों के बीच मजबूत समन्वय और विभागीय जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया. बैठक में तय किया गया कि पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जायेगा. अंत में सभी हितधारकों ने पीड़ितों के हित में ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया.
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