बोरियो
मार्च माह के पहले सप्ताह से ही गर्मी का एहसास होने लगा है. तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है. गर्मी के मौसम में बोरियो प्रखंड के विभिन्न हिस्सों में जल संकट गहरा जाता है, जिससे ग्रामीण पेयजल के लिए हलकान हो रहे हैं. प्रखंड क्षेत्र में लगभग 1800 चापानल हैं और अधिकांश का पानी पीने योग्य है. हालांकि कई चापानल बीते कई सप्ताह से खराब पड़े हैं. स्वच्छता एवं पेयजल विभाग ने गर्मी शुरू होने से पहले खराब चापानलों का सर्वे कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था. लेकिन अब भी प्रखंड के अलग-अलग हिस्सों में दो दर्जन से अधिक चापानल खराब हैं. गर्मी के शुरुआती दिनों में ही तालाब और पोखर सूखने के कगार पर हैं. कई चापानलों में जलस्तर नीचे जाने के कारण पानी निकालना मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस बार गर्मी तेज रहने की संभावना है और कई चापानल अभी से जवाब देने लगे हैं, जिससे लोग दूसरी जगह से पानी लाने को मजबूर हो रहे हैं. विभाग के पास चापानलों में लगने वाली पाइप की कमी के कारण कई चापानलों का मरम्मत कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है. स्वच्छता एवं पेयजल विभाग के कनीय अभियंता कुणाल कंचन ने बताया कि खराब चापानलों की मरम्मत तेजी से की जा रही है. उन्होंने कहा कि लोगों को गर्मी में पेयजल संकट न झेलना पड़े, इसको लेकर चापानल खराब होने की सूचना मिलने पर 72 घंटे के भीतर मरम्मत की जाएगी. कुणाल कंचन ने अपील करते हुए कहा कि चापानल खराब होने पर तुरंत फोन नंबर 8789858692 पर सूचना दें. उनका कहना है कि पूरे प्रखंड में एक भी चापानल खराब स्थिति में नहीं रहेगा.
