बोरियो
प्रखंड अंतर्गत पथरा में गुरुवार को सरकार द्वारा प्रस्तावित सड़क पुनर्निर्माण व चौड़ीकरण योजना को लेकर ग्रामसभा हुई. इसमें सरकार के पथ प्रमंडल, साहिबगंज अंतर्गत करमाटांड़ (मोहनपुर–करमाटांड़ आरसीडी पथ) से जीरूल (एसएच-18) पथ के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण व पुनर्निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा हुई. इसके बाद ग्रामीणों व सोलह आना रैयतों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए भू-अर्जन कार्यालय द्वारा निर्गत नोटिस लेने से इंकार कर दिया. ग्रामीणों ने प्रस्तावित सड़क योजना का समर्थन तो किया, लेकिन बायपास सड़क के लिए खेती योग्य जमीनों के अधिग्रहण से स्पष्ट रूप से मना कर दिया. बताया कि प्रस्तावित सड़क की लंबाई 12.706 किलोमीटर है. पथ प्रमंडल, साहिबगंज को योजना को पूर्ण करने के लिए निर्धारित रूपरेखा के अनुसार जमीन की आवश्यकता है, जिसके तहत बायपास सड़क के लिए नयी कृषि भूमि के अधिग्रहण का निर्णय सरकार ने लिया है. इसी संदर्भ में वाद संख्या 77/2025-26 के आधार पर बोरियो अंचल कार्यालय द्वारा पथरा मौजा (थाना संख्या 49) के सोलह आना रैयतों को भू-अर्जन कार्यालय के आदेशानुसार नोटिस जारी किया गया. गुरुवार को जमीन अधिग्रहण व मुआवजा संबंधी नोटिस वितरण के लिए राजस्व कर्मचारी फूदन सोरेन को भेजा गया था, लेकिन ग्रामीणों ने नोटिस लेने से इंकार कर दिया. ग्रामीणों ने लिखित ग्रामसभा कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट किया कि वे विकास के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हैं. सरकार पुरानी सड़क को ही चौड़ा करे. बायपास सड़क के लिए खेती योग्य जमीनें नहीं दी जायेगी.
बोले ग्रामीण : सालों भर खेती वाली जमीन को किया गया है चिह्नितग्रामीणों का कहना है कि जिन जमीनों को अधिग्रहण के लिए चिह्नित किया गया है, वहां वर्ष भर विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती होती है. ऐसे में जमीन अधिग्रहण होने पर रैयतों के समक्ष खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो जायेगा. ग्रामसभा में खैरवा मुखिया बबलू मुर्मू, छोटे सोरेन, बाबूजी मरांडी, सोलोमन मरांडी, तलू सोरेन, जॉन किस्कू, कुलेश किस्कू, मरांगकुड़ी हांसदा, मरांगमय मुर्मू, सुना हांसदा, मरांगबीटी टुडू, तालामय हेंब्रम, जीतू मुर्मू, दिलीप मालतो, महेश्वर मालतो, मानवेल किस्कू, लुइस मरांडी आदि मौजूद थे.
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