निजी विद्यालयों की फीस बढ़ोतरी पर रामभक्त सेवा दल का विरोध

पाकुड़ में राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल ने निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस बढ़ोतरी के विरोध में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। संगठन का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन री-एडमिशन शुल्क का नाम बदलकर अन्य मदों में अतिरिक्त राशि वसूल रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। जिला अध्यक्ष रतन भगत ने कहा कि पहले भी शिकायत की गई थी, पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन करेगा। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र जांच और उचित कार्रवाई की मांग की ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

प्रतिनिधि,पाकुड़. निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही फीस बढ़ोतरी के विरोध में राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल ने शनिवार को जिले के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और राज्यपाल, मुख्यमंत्री व शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की. संगठन ने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन मनमाने तरीके से शुल्क वसूल रहा है. री-एडमिशन शुल्क का नाम बदलकर अन्य मदों में राशि ली जा रही है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. जिला अध्यक्ष रतन भगत ने कहा कि पहले भी उपायुक्त को जानकारी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. संगठन के सदस्य सागर ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बावजूद विद्यालय प्रबंधन पर कोई असर नहीं हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगा. संगठन ने प्रशासन से शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे. यह मुद्दा अभिभावकों की संवेदनाओं और बच्चों के भविष्य से जुड़ा है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है.

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By RAGHAV MISHRA

RAGHAV MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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