साहिबगंज. साहिबगंज में झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा की जिला कमेटी की बैठक मंगलवार को मध्य विद्यालय तालाब में आयोजित हुई. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अशोक कुमार साह ने की, जबकि संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार दुबे ने किया. सभा में प्रदेश महासचिव विकास कुमार चौधरी ने कहा कि झारखंड सरकार ने 2021 में हुए लिखित समझौते को पांच वर्ष बाद भी लागू नहीं किया है. समझौते के तहत सहायक अध्यापकों को अब तक वेतनमान नहीं मिला है और 2024 के समझौते के अनुसार आकलन परीक्षा को टेट के समकक्ष मान्यता भी नहीं दी गयी. साथ ही, 2021 में कैबिनेट से पारित अनुकंपा नियुक्ति भी लागू नहीं हुई, जबकि इस दौरान कई शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है. उन्होंने सरकार पर सहायक अध्यापकों के साथ उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे राज्य के लगभग 50 हजार शिक्षकों में आक्रोश है. बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए निर्णय लिया गया कि 18 अप्रैल से मुख्यमंत्री आवास, रांची के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन शुरू किया जायेगा. तैयारी के तहत 17 अप्रैल को जिले के शिक्षक वनांचल एक्सप्रेस से रांची जायेंगे. विभिन्न प्रखंडों के कई शिक्षकों ने अनशन में भाग लेने की सहमति दी, जबकि अन्य प्रखंडों को 15 अप्रैल तक सूची सौंपने का निर्देश दिया गया. बैठक में साहिबगंज प्रखंड अध्यक्ष जितेंद्र भाई, प्रखंड सचिव मोहसिन अजमल, जिला कमेटी सदस्य अनिल यादव, हरि यादव, अवधेश सिंह, अशफाक अली, मुजीबुर रहमान, जितेंद्र मिश्रा, धर्मराज मंडल, तारिक अजीज, अनिल मंडल, सुशांत मंडल, प्रशांत मंडल, राहत अली, खैरुल हसन, रंजीत पासवान, बशीर अहमद, कुंज बिहारी शाह, अर्जुन सिंह समेत कई सहायक अध्यापक मौजूद थे.
सहायक अध्यापक को वेतनमान दे राज्य सरकार : जिलाध्यक्ष
सीएम आवास के घेराव में भागीदारी देने का लिया निर्णय

साहिबगंज (फाइल फोटो)