राजमहल/ मंगलहाट प्रखंड क्षेत्र के कसबा पंचायत स्थित राय बाजार आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-601 के नये भवन निर्माण में हो रही देरी को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. गांव की दर्जनों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के अभिभावकों ने विरोध जताते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की. ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान आंगनबाड़ी केंद्र का भवन काफी जर्जर स्थिति में है. बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है. प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है. ऐसे में बच्चे डर के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. स्थिति को देखते हुए विभाग द्वारा नये भवन की स्वीकृति तो दे दी गयी, लेकिन करीब छह माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. ग्रामीणों का आरोप है कि सेविका और संवेदक की मिलीभगत से गांव से करीब 300 मीटर दूर सुनसान स्थान पर भवन निर्माण कराया जा रहा था, जहां बच्चों के आने-जाने का समुचित रास्ता नहीं है. भवन स्थल के समीप तालाब और बगीचा होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावकों में भय बना हुआ है. विरोध के बाद फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है. इधर, जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आये हैं. अंचल अधिकारी मो यूसुफ ने बताया कि वर्तमान भवन की छत और दीवारें ठीक-ठाक हैं तथा मरम्मत कर केंद्र का संचालन किया जा सकता है. जांच में यह भी पाया गया कि नये भवन के लिए चयनित भूमि का कोई वैध निबंधन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. केवल शपथ-पत्र के आधार पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से कार्य पर रोक लगा दी गयी. वहीं आंगनबाड़ी सेविका कंचन मंडल ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पुराने भवन तक जाने का रास्ता विवादित होने के कारण उन्होंने निजी जमीन उपलब्ध करायी थी. कहते हैं सीडीपीओ.
दानिश हुसैन, सीडीपीओ, राजमहल
