बरहरवा में अवैध संबंध में भांजे संग मिलकर बेटे की कर दी हत्या
बरहरवा में भांजे संग मिलकर बेटे की कर दी हत्या, अवैध संबंध का मामला
By BIKASH JASWAL | Updated at :
साहिबगंज (फाइल फोटो)
आपत्तिजनक स्थिति में मामी-भांजा को देखने के बाद बदनामी से बचने के लिए उठाया खूनी कदम : एसडीपीओ
प्रतिनिधि, बरहरवा
बरहरवा थाना क्षेत्र के रतनपुर में 7 फरवरी को 14 वर्षीय किशोर आयुष कुमार की मौत मामले में बुधवार को बरहरवा एसडीपीओ नितिन कुमार खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौंकानेवाले खुलासा किये. इस हत्याकांड ने खून के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है. एसडीपीओ नितिन कुमार खंडेलवाल ने बताया कि आयुष की हत्या उसकी सगी मां मीनू देवी (33) और उसके ममेरे भाई रांगा थाना क्षेत्र के धरमपुर निवासी रोहित साहा (30) पिता भागीरथ साहा ने मिलकर गला घोंटकर कर दी. वहीं, हत्या को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिये मृतक की मां ने आयुष के घर के पीछे होने और फिर अचेत अवस्था में उसका बॉडी मिलने की कहानी भी बनायी.
मामी और भांजे में दो वर्षों से था अवैध संबंध
एसडीपीओ ने बताया कि मां मीनू देवी और रोहित साहा के बीच पिछले दो वर्षों से अवैध संबंध था. वे छुपकर एक-दूसरे से मिला करते थे. वहीं, घटना की रात मृतक के पिता हेमंत साहा घर पर नहीं थे. इसी का फायदा उठाकर रात्रि करीब 9 बजे मीनू देवी ने रोहित साहा को मिलने के लिये अपने घर के पीछे बुलाया था. जहां आयुष ने अपनी मां तथा ममेरे भाई को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया. इसके बाद उसने इसका विरोध किया. आस-पड़ोस के लोगों और परिजनों को इस नाजायज रिश्ते के बारे में पता चल जाने के डर से दोनों ने मिलकर आयुष की हत्या कर दी और शव को घर के पीछे स्थित तालाब में फेंक दिया. हालांकि, हत्या के दौरान आयुष ने बचने की काफी कोशिश की थी और तीनों के बीच हाथापाई और गाली-गलौज भी हुआ था.
ऐसे हुआ पुलिस को आरोपियों पर शक और सुलझी गुत्थी
मीनू देवी ने पहले पुलिस को बताया था कि उसका बेटा घर के पीछे था और कुछ देर में आने की बात कही थी. बाद में नहीं आने पर उसकी खोजबीन की तो वह अचेत अवस्था में घर के पीछे तालाब से मिला. वहीं आरोपी रोहित साहा, मृतक के चाचा तथा अन्य प्रत्यक्षदर्शियों का जब बयान लिया गया तो सभी के बयान में अंतर नजर आया. इधर, मृतक के पिता हेमंत साहा (47) ने 9 दिसंबर को बरहरवा थाना में आवेदन देकर अज्ञात के विरूद्ध मामला दर्ज कराया. इसके बाद पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार राणा के नेतृत्व में थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह, एसआइ सुदामा सिंह, अनिल कुमार यादव, एएसआइ राजनाथ साव, रंजय कुमार यादव सहित अन्य सशस्त्र बलों के साथ टीम गठन कर छानबीन की. इसी दौरान पुलिस को मृतक की मां और ममेरे भाई के बीच अवैध संबंध होने की जानकारी भी मिली. जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो हत्याकांड का खुलासा हुआ.