साहिबगंज
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने वर्तमान खरीफ वर्ष 2026 के लिए 12 मई को सूचना जारी की है. बताया है कि एल-नीनो प्रभाव के कारण सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम बारिश होने की संभावना है. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने 12 मई 2026 के आलोक में संभावित सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए साहिबगंज जिला के लिए सूखा आकस्मिक योजना से संबंधित बैठक शुक्रवार को आत्मा सभागार में की. इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी प्रमाेद एक्का मौजूद रहे. मंत्री ने बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभाग के जिला एवं प्रखंडस्तरीय कर्मियों की उपस्थिति में संभावित सुखाड़ की स्थिति से निबटने के लिए विचार-विमर्श किया. कहा कि सुखाड़ की स्थिति निबटने के लिए खरीफ मौसम में धान का बीज 10 दिनों के अंतराल पर बिचड़ा करना चाहिए, ताकि कम बारिश की स्थिति में आकस्मिकता से निबटा जा सके. मिश्रित फसल प्रणाली से उच्च एवं मध्यम भूमि को आच्छादित किया जाय. खरीफ मौसम के उपरांत भूमि में उपस्थित नमी का उपयोग रबी मौसम के फसलों के लिए किया जाना चाहिए. खेतों में पानी रोकने के लिए छोटे-छोटे गढ्ढे करना चाहिए, ताकि फसलों को लाइफ सेविंग सिंचाई दी जा सके. जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि सरकारी तंत्र द्वारा पशुओं के चारे के लिए 40 प्रतिशत व्यवस्था सामान्य/बाढ़ की स्थिति में की जाती है. जिला गव्य विकास पदाधिकारी ने आकस्मिकता से निबटने के लिए छोटे एवं बड़े पशुओं के लिए दवा, टीका एवं रोगों के उपचार की व्यवस्था ससमय उपलब्ध कराई जाएगी. बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, भ्रमणशील पशु चिकित्सक, प्रखंडस्तरीय सहकारिता पदाधिकारी, एटीएम, बीटीएम आदि मौजूद रहे.
