बरहेट. बरहेट बाजार इन दिनों आम की खुशबू और रंग-बिरंगे फलों से गुलजार नजर आ रहा है. बरहेट हाट से लेकर महावीर चौक तक सड़क किनारे दर्जनों अस्थायी दुकानें सज गयी हैं, जहां आम्रपाली, लंगड़ा, तोतापरी समेत कई किस्मों के रसीले आम लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. ये सभी निजी बागवानी की तरह-तरह किस्म के फलदार आम के पेड़ के फल हैं. यह आम 40, 50 और 60 रुपये प्रति किलो तक की कीमत पर उपलब्ध है, जिसकी खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. बरहेट जो आदिवासी बहुल प्रखंड है, अब केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि आम उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है. कभी यहां बाहर के राज्यों और जिलों से आम मंगाए जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. राज्य सरकार की बिरसा हरित आम बागवानी योजना के तहत बड़े पैमाने पर आम की खेती को बढ़ावा मिला है, जिसका सकारात्मक असर अब साफ दिखाई दे रहा है. प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने आम की खेती को अपनाया है, जिससे उत्पादन बढ़ा है. स्थानीय बाजार में ताजे आमों की उपलब्धता आसान हुई है. अब बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं सड़क किनारे आम बेचकर आत्मनिर्भर बन रही हैं. सुबह से शाम तक बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है और महिलाएं बेहतर आमदनी कर रही हैं. बरहेट के महावीर चौक के अलावे शिवगादी चौक, बोरियो चौक व आस-पास के इलाकों में सजे आम बाजार न केवल लोगों को स्वाद का आनंद दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई बल दिया है.
बरहेट में सजा आम का बाजार, बागवानी से बदली तस्वीर
बिरसा हरित योजना से बढ़ा आम उत्पादन, किसानों को लाभ

साहिबगंज (फाइल फोटो)