मंगलहाट (राजमहल): भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी और नंद उत्सव को लेकर कन्हैयास्थान स्थित कानाई नाट्यशाला (इस्कॉन) मंदिर में उत्सव का माहौल है. मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, इलेक्ट्रॉनिक लाइटों और रंग-बिरंगी झालरों से भव्य रूप से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.
गुरुवार शाम से शुरू हुए अनुष्ठान
जन्माष्टमी के कार्यक्रमों की शुरुआत बीते गुरुवार की शाम 7:00 बजे मंदिर के पुरोहित द्वारा अधिवास पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के साथ हुई. इसके बाद शुक्रवार की सुबह से ही मंदिर परिसर में मंगल आरती, गुरु पूजा, राज भेष दर्शन, आरती, भजन-कीर्तन और कृष्ण कथा का दौर शुरू हो गया, जो पूरे दिन अनवरत जारी है.
उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
इस महापर्व में शामिल होने के लिए बिहार, बंगाल और झारखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त और श्रद्धालु कन्हैयास्थान पहुंच रहे हैं. श्रद्धालु मंदिर की परिक्रमा करने के साथ-साथ गंगा पूजन और सामूहिक भजन-कीर्तन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.
दिनभर के प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, शुक्रवार के दिनभर चलने वाले कार्यक्रमों का मुख्य विवरण इस प्रकार है:
- दोपहर: भोग निवेदन और भोग आरती.
- शाम 5:00 बजे से: वैष्णवी भजन-कीर्तन एवं हवन.
- रात्रि 10:00 बजे: भगवान का महाभिषेक.
- मध्य रात्रि: भव्य महाआरती और भगवान श्रीकृष्ण को 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पण.
शनिवार को मनेगा नंद उत्सव और श्रील प्रभुपाद प्राकट्य दिवस
जन्माष्टमी के ठीक अगले दिन यानी शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण का नंद उत्सव और इस्कॉन संस्था के संस्थापक आचार्य श्री एसी भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद जी का पावन आविर्भाव दिवस (जन्मोत्सव) मनाया जाएगा. इस दिन सुबह गंगा पूजन, मंदिर परिक्रमा और मंगल आरती के बाद, दोपहर में श्रील प्रभुपाद जी को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और कलाकारों का जमावड़ा
उत्सव के दौरान बंगाल, बिहार और झारखंड के कोने-कोने से आने वाले हजारों श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आएंगे. इस अवसर पर मालदा, फरक्का और बरहरवा के कलाकारों द्वारा मनमोहक भक्ति गीत-संगीत और सांस्कृतिक नाटकीय कार्यक्रम (स्टेज शो) प्रस्तुत किए जाएंगे.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी ने जानकारी दी कि मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. थाना प्रभारी ने खुद इस्कॉन मंदिर का निरीक्षण किया है, जिसके बाद कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बलों की तैनाती की गई है ताकि सभी भक्तगण बिना किसी डर या संकोच के उत्सव का आनंद ले सकें.
