किसानों को जल संरक्षण, वैकल्पिक फसल और वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह

बोरियो में खरीफ कार्यशाला सह कृषक गोष्ठी का आयोजन

बोरियो

प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कार्यशाला सह कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख शांति बास्की और जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने संयुक्त रूप से किया. कार्यशाला में किसानों को बदलते मौसम और कम वर्षापात की स्थिति में खेती को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाए रखने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गयी. विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष एल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से 20 से 30 प्रतिशत तक कम वर्षापात होने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. किसानों को जल संरक्षण, वैकल्पिक फसल चयन और वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह दी गयी. धान में पारंपरिक वैराइटी से हटकर नये और अलग प्रभेद जैसे ललाट और अभिषेक के उपयोग की जानकारी भी साझा की गयी. कार्यशाला में संतुलित उर्वरक उपयोग पर विशेष चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से उत्पादन लागत कम होती है और भूमि की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहती है. किसानों को जैविक खाद और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया गया. कम वर्षा की संभावना को देखते हुए, मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा और रागी की खेती अपनाने पर जोर दिया गया. विशेषज्ञों ने बताया कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देती हैं और पोषण की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी हैं. इसके साथ ही इंटरक्रॉपिंग पद्धति पर भी चर्चा की गयी, जिससे जोखिम कम होता है और किसानों की आय में वृद्धि होती है. गर्मी के मौसम में गहरी जुताई करने की सलाह दी गयी, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और कीट एवं रोगों पर नियंत्रण पाया जा सके. अधिकारियों ने किसानों से मौसम आधारित कृषि तकनीकों को अपनाने और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने की अपील की. इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी नागेश्वर साव, प्रखंड कृषि पदाधिकारी जोसेफ टुडू, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक अनुपम हांसदा, सहायक तकनीकी प्रबंधक तान्या सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ABDHESH SINGH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >