साहिबगंज
नीट परीक्षा रद्द होने व पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला समिति साहिबगंज की ओर से स्टेशन चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया. इसका नेतृत्व नगर अध्यक्ष आदित्य यादव ने किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं और छात्रों ने केंद्र सरकार तथा भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल नीट का पेपर लीक होना और बाद में परीक्षा रद्द होना केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है. झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य संजीव शामू हेंब्रम ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं भ्रष्टाचार, लापरवाही और पेपर माफियाओं की भेंट चढ़ रही हैं, जबकि सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है. उन्होंने कहा कि छात्र मानसिक तनाव और भविष्य की चिंता से जूझ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो झामुमो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगा. जिला कार्यकारिणी सदस्य नजरुल इस्लाम ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य को मजाक बनाकर रख दिया है. लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और नीट परीक्षा रद्द होना इसका प्रमाण है. नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान ने कहा कि पेपर लीक अब संगठित भ्रष्टाचार का हिस्सा बन चुका है. उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. वहीं केंद्रीय समिति सदस्य सुरेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा शासन में हर बड़ी परीक्षा विवाद और घोटालों का शिकार हो रही है, जिससे देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. मौके पर झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य मुजीबुर रहमान, अखलाकुर रहमान, जिला कोषाध्यक्ष सुरेश साह, जिला संगठन सचिव छवि हेंब्रम, लड्डू सिंह, जलेबी सिंह, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष देव सोरेन, मो अली, अमरदीप सिंह, बर्नाड मरांडी, स्टीफन मुर्मू, गफ्फार अंसारी, रिजवान अंसारी, राजू अंसारी, मो एजाज अंसारी, अरशद अंसारी, तारीख अनवर, नोमान अंसारी, मुर्शीद राजा, आलोक ओझा, विवेक ओझा, अंकित तंबाकू वाला, वरुण तंबाकू वाला, हफीजुर्रहमान समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.