बरहरवा/बरहेट : झामुमो केंद्रीय कमेटी के निर्देश पर केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम-2026 के विरोध में जिले के सभी नौ प्रखंडों की 166 पंचायतों में जन-जागरण अभियान शुरू किया गया है. पार्टी की ओर से आगामी सात सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया जाएगा.
गांव-गांव और बूथ स्तर पर जनसंपर्क
अभियान के तहत झामुमो कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर पर जनसंपर्क कर लोगों को अधिनियम के कथित दुष्प्रभावों की जानकारी दे रहे हैं. पार्टी के अनुसार, पंचायत स्तर पर नियुक्त पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर ग्रामीणों को आंदोलन से जोड़ने का काम कर रहे हैं. बरहेट की सभी 22 पंचायतों में भी विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये हैं.
नौ प्रखंड मुख्यालयों पर जुटेंगे कार्यकर्ता
पार्टी ने सात सितंबर को बरहेट, बरहरवा, पतना, राजमहल, उधवा, साहिबगंज, मंडरो, तालझारी और बोरियो प्रखंड मुख्यालयों पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा किया है. झामुमो नेताओं के अनुसार, कार्यकर्ता पारंपरिक वेशभूषा में धरना में शामिल होंगे तथा राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को मांग पत्र सौंपकर अधिनियम वापस लेने की मांग करेंगे.
‘कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज’
झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य सह झायुमो जिलाध्यक्ष संजय गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता इस कानून का विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि सात सितंबर का आंदोलन शुरुआत है और कानून वापस नहीं लिये जाने पर पार्टी आगे भी आंदोलन तेज करेगी.
