साहिबगंज
असम राज्य से जुड़ सकता है तार
फर्जी आधार कार्ड बनाने का तार असम से जुड़ सकता है. क्योंकि जिस फर्जी आईडी संख्या से काम किया जा रहा था, उस आइडी की जांच करने को लेकर विभाग विशेष कदम उठा रहा है. पुलिस गिरोह का पता लगाने में जुट गयी है. आखिर मशीन को किसने मुहैया करायी थी. कौन है इसका मालिक. मदनसाही तक मशीन कैसे पहुंची. किसके आइडी से हो रहा था संचालन. कितने लोग इस फर्जी कारोबार में शामिल हैं, उन सबके मामले में पुलिस छानबीन कर रही है. चूंकि आधार कार्ड मामले में सबसे पहले इसकी सूचना उपयुक्त हेमंत सती को मिली थी. उन्होंने अपर समाहर्ता को कार्रवाई का निर्देश दिया था. इसके बाद से पुलिस कार्रवाई में जुट गयी. जिला परियोजना पदाधिकारी पदाधिकारी संदीप कुमार के बयान पर जिरवाबाड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इधर, घटना के बाद से ही शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है. चर्चा है कि फर्जी आइडी के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों का प्रमाण-पत्र देने का कार्य किया जा रहा था. पुलिस इस संबंध में छानबीन कर रही है. संचालन कर रहे सीएसपी के आइडी नंबर को विभाग भेज दिया गया. ताकि नंबर की पुष्टि किया जा सके. क्योंकि असम राज्य का गिरोह होने की चर्चा है.
क्या कहते हैं डीएसपी आधार कार्ड बनाने की सूचना पर पुलिस ने छापामारी अभियान चलाया है, जहां से दो युवक को गिरफ्तार किये गये. मौके से फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने के साक्ष्य पाये गये हैं. सीएसपी सेंटर से कई सामान जब्त कर लिया गया है. दो लोगों को भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.विजय कुमार कुशवाहा, मुख्यालय डीएसपी
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