साहिबगंज : जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में मरीजों को नि:शुल्क इलाज एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के दावों के बीच महिला मरीज से ऑपरेशन के नाम पर पैसे लेने का मामला सामने आया है. सकरोगढ़ चानन निवासी 38 वर्षीय संगीता कुमारी, पति संजय यादव, ने आरोप लगाया है कि बच्चेदानी में सूजन के इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती होने के बाद शोभनपुर भट्ठा निवासी आशा कार्यकर्ता और पप्पू नामक एक स्वास्थ्यकर्मी ने उन्हें और उनके पति को कथित रूप से बहला-फुसलाकर ऑपरेशन के नाम पर अब तक 10,500 रुपये लिए हैं.
ऑपरेशन के बाद जांच के लिए 1,500 रुपये मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार संगीता कुमारी 12 अगस्त 2026 को बच्चेदानी में हुई सूजन का इलाज कराने सदर अस्पताल में भर्ती हुई थीं. महिला के अनुसार, इलाज के दौरान ऑपरेशन कराने के नाम पर उनसे अलग-अलग मद में पैसे लिए गए. वहीं, ऑपरेशन के बाद निकले अवशिष्ट पदार्थ की जांच कराने के लिए अब कथित तौर पर 1,500 रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही है.
एनेमोल इंजेक्शन के लिए भी पैसे मांगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद होने वाले दर्द से तत्काल राहत के लिए दिए जाने वाले एनेमोल इंजेक्शन के लिए भी पैसे की मांग की जा रही है. इस मामले को लेकर मरीज और उसके परिजनों में नाराजगी है.
आरोपों की जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
सरकारी अस्पतालों में गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. ऐसे में सदर अस्पताल जैसे जिला मुख्यालय के प्रमुख सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन और इलाज के नाम पर मरीज से कथित रूप से पैसे लिए जाने का मामला स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है. हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
दोषी मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ देवेश कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संज्ञान लिया गया है. छानबीन कर दोषी पाए जानेवाले व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
