उधवा. प्रखंड के दियारा क्षेत्रों को मुख्यालय से जोड़ने के लिए वर्षों पहले इंग्लिश नासघाट में निर्मित उच्च स्तरीय पुल अब बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है. दियारा क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा माने जाने वाला पुल जर्जर हो गया है और किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है. स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट (विस्तार जोड़) का गैप सामान्य से काफी अधिक हो गया है. वहीं पुल की सतह पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और ऊपरी परत उखड़ चुकी है. कई स्थानों पर सरिया भी बाहर निकल आया है, जिससे पुल की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं. वर्तमान में यह पुल दियारा क्षेत्र की चार पंचायतों के हजारों लोगों के आवागमन का एकमात्र साधन है. स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, मरीज तथा अन्य लोग प्रतिदिन इसी पुल से होकर मुख्यालय आते-जाते हैं. इसके अलावा रोजाना बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ ओवरलोड बालू लदे हाइवा, ट्रैक्टर एवं अन्य भारी वाहनों का भी आवागमन होता है. लगातार भारी वाहनों के दबाव और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण पुल की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुल की हालत और भी चिंताजनक हो जाती है. गड्ढों में पानी भर जाने से क्षतिग्रस्त हिस्से दिखायी नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है. ग्रामीणों का आरोप है कि पुल के निर्माण के बाद से इसकी समुचित मरम्मत नहीं करायी गयी है. एक्सपेंशन जॉइंट के क्षतिग्रस्त होने और सरिया बाहर निकल आने से पुल की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई है. उनका कहना है कि यदि समय रहते इसकी तकनीकी जांच कराकर मरम्मत नहीं करायी गयी, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से पुल का तत्काल तकनीकी सर्वे कराने तथा युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
क्या कहते हैं पदाधिकारी :
इंग्लिश नासघाट उच्च स्तरीय पुल की मरम्मत के लिए विभाग को एस्टीमेट भेजा जा चुका है. स्वीकृति होते ही मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा. - रमाकांत मिश्रा, कार्यपालक अभियंता, विशेष प्रमंडल, साहिबगंज
