18 जून से साहिबगंज में मानसून की दस्तक

हीटवेव से जनजीवन प्रभावित, दोपहर होते ही सड़कों पर पसर जाता है सन्नाटा

साहिबगंज. पिछले एक सप्ताह से साहिबगंज में आसमान से मानो बरस रहे हैं आग के गोले. घर से बाहर निकलना लोगों के लिए दुश्वार हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार पूरे झारखंड में हीट वेव का प्रकोप चल रहा है. लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बताया जाता है कि खासकर साहिबगंज आसपास के जिलाें में 42 डिग्री से लेकर 46 डिग्री की तपिश महसूस की जा रही है. अब इससे स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि इंसान की हालत कैसी होगी. ऐसे मौसम में बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए तो निश्चित रूप से जानलेवा हालात बन रहे हैं. शहर समेत अन्य क्षेत्रों में लगातार सड़क चलते लोग हीट वेव की चपेट में आने से सड़क पर ही गिर पड़ रहे हैं. अस्पताल में भी हीट वेव के कारण लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं. शरीर से पानी निकल रहा है. लोग बीमार हो रहे हैं. चार दिन पूर्व सदर अस्पताल में दो घंटा के दौरान 15 ऐसे मरीज आये, जो डायरिया से ग्रसित थे. डॉक्टरों ने बताया कि धूप तेज है. ऊमस भरी गर्मी है. निश्चित रूप से शरीर का पानी निकलेगा ही और पानी निकालने के कारण ही डायरिया की चपेट में लोग आ जाते हैं. मौसम को लेकर साहिबगंज कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ वीरेंद्र कुमार मेहता ने बताया कि मौसम विभाग रांची से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह में 38 डिग्री से लेकर 44 डिग्री तक साहिबगंज में तापमान रिकाॅर्ड किया गया है. यह तापमान निश्चित रूप से 44 डिग्री था. पर इसकी फीलिंग 46 से डिग्री से कम नहीं मानी जा सकती है. इससे खासकर शहरी इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसान भी अपने खेतों को लेकर काफी चिंतित हैं. साहिबगंज. 18 जून से मानसून का प्रवेश होने का अनुमान मौसम विभाग द्वारा लगाया गया है मानसून के प्रवेश होते ही खासकर संथाल परगना के जिलों में तपिश भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. जानकारी के अनुसार मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र को दी गयी जानकारी के अनुसार संथाल परगना में 16 जून से लेकर 18 जून तक मानसून की दस्तक हो सकती है. वहीं मानसून के प्रवेश होने से जहां संथाल परगना में आसमान से बरस रहे आग के गोले से लोगों को निजात मिल सकती है, मौसम विभाग ने बताया कि बहुत से स्थान पर गरज के साथ बारिश होगी. तेज हवा के साथ वज्रपात भी हो सकता है, इसलिए पूरे राज्य में 14 जून से ही येलो अलर्ट घोषित किया जा चुका है. यह मानसून सितंबर माह तक रहने की उम्मीद बतायी जा रही है. 16 जून तक मानसून उड़ीसा पहुंचने की पूरी उम्मीद है. इधर, मानसून के आने से किसान खेतों में बिचड़े डालने के लिए तैयार रहे ताकि पानी का पूरा फायदा उठाया जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abdhesh singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >