बंगाल के मंदिर की तर्ज पर बना नौ लाख में दुर्गा पूजा पंडाल

धीरे-धीरे लोगों की आस्था बढ़ी और मंदिर का निर्माण कराया गया.

मंडरो

मिर्जाचौकी बाजार में वर्ष 1945 से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है. प्रारंभिक वर्षों में यहां मंदिर का निर्माण नहीं हुआ था. उस समय झोपड़ीनुमा मंदिर बनाकर माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती थी. दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष राजीव जायसवाल और कोषाध्यक्ष श्रीनाथ चौधरी ने बताया कि मां दुर्गा की सर्वप्रथम पूजा राम परीखा राम और भरण भगत द्वारा शुरू की गयी थी. उस समय आर्थिक अभाव के बावजूद श्रद्धालु किसी प्रकार से प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करते थे. धीरे-धीरे लोगों की आस्था बढ़ी और मंदिर का निर्माण कराया गया. वर्तमान में मंदिर को आकर्षक ढंग से विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है. हर वर्ष लाखों रुपये की लागत से भव्य पंडाल बनाकर पूजा आयोजित की जाती है. इस वर्ष भी बंगाल के एक मंदिर की तर्ज पर नौ लाख रुपये की लागत से भव्य पंडाल तैयार कराया जा रहा है. साथ ही मेले का भी आयोजन होगा. विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेले और पूजा पंडाल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके.

कहते हैं पूजा समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष

फोटो नं 27 एसबीजी 5 है

इस वर्ष भी मिर्जाचौकी में 9 लाख रुपये की लागत से भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है. मेला में किसी भी प्रकार से विधि-व्यवस्था ना बिगड़े, इसको लेकर पूजा समिति हमेशा अपने कार्यकर्ताओं के साथ चौकस रहेगी.

– राजीव जायसवाल, अध्यक्ष, दुर्गा पूजा समिति.

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दुर्गा पूजा मेला को लेकर समिति द्वारा सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गयी है. मेला कमेटी द्वारा प्रत्येक वर्ष छोटे-छोटे बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ मेला में विधि व्यवस्था बनाए रखना पूजा कमेटी का दायित्व रहता है. साथ ही पुलिस प्रशासन का भी काफी सहयोग रहता है.

– बिरेन्दर साह, उपाध्यक्ष, पूजा समिति, मिर्जाचौकी.

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By ABDHESH SINGH

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