राजमहल : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तटीय एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है. पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण नदी किनारे बसे गांवों और कॉलोनियों के लोगों की नजर लगातार गंगा के पानी पर बनी हुई है. जलस्तर बढ़ने से गंगा घाटों पर भी पानी का फैलाव बढ़ गया है.
गुदारा घाट समेत कई इलाकों पर असर
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर गुदारा घाट, पूर्वी नारायणपुर, मधुसूदन कॉलोनी तथा पूर्वी नारायणपुर की एक नंबर, दो नंबर, तीन नंबर और चार नंबर कॉलोनी समेत आसपास के तटीय इलाकों में दिखाई देने लगा है. इन क्षेत्रों के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों में पानी के और बढ़ने को लेकर चिंता बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह लगातार वृद्धि जारी रही तो निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
प्रशासन सतर्क, जलस्तर की लगातार निगरानी
राजमहल के अंचल अधिकारी मो. यूसुफ ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है. तटीय और निचले इलाकों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं, ताकि किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाया जा सके.
तटीय इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील
सीओ ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें. नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें. उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
हर साल बाढ़ के खतरे से चिंतित लोग
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद गुदारा घाट और पूर्वी नारायणपुर क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है. मधुसूदन कॉलोनी के अलावा एक नंबर, दो नंबर, तीन नंबर और चार नंबर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि गंगा का पानी बढ़ने के कारण हर वर्ष उन्हें बाढ़ का खतरा बना रहता है. ऐसे में जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से लोग पहले से ही सतर्क हो गये हैं.
संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील और निचले इलाकों में नियमित रूप से जलस्तर की निगरानी की जाए. साथ ही जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पहले से व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. लोगों का कहना है कि समय रहते प्रशासन की ओर से तैयारी रहने पर बाढ़ की स्थिति में होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
घाटों पर बढ़ा पानी का फैलाव, सावधानी जरूरी
गंगा का जलस्तर बढ़ने से राजमहल के विभिन्न घाटों पर भी पानी का फैलाव बढ़ रहा है. घाट पर आने-जाने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है. स्थानीय लोगों ने छोटे बच्चों को नदी और घाटों के आसपास नहीं जाने देने की अपील की है.
फिलहाल गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए तटीय इलाकों के लोग सतर्क हैं. प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है. आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि होती है या इसमें कमी आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
