साहिबगंज से सुनील ठाकुर की रिपोर्ट..
साहिबगंज : मौत के बाद सम्मानजनक अंतिम विदाई हर परिवार की अपेक्षा होती है, लेकिन साहिबगंज के मुनीलाल श्मशान घाट में एक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा. केलावाड़ी निवासी विनोद पासवान के निधन के बाद उनके परिजन पप्पू पासवान, सूरज पासवान और अन्य स्वजन शव को अंतिम संस्कार के लिए मुनीलाल श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे.
चिता तैयार थी, डोम राजा का इंतजार करते रहे परिजन
परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी कर चिता तैयार कर दी थी. इसी दौरान घाट छुड़ाने वाले राजा के श्मशान घाट नहीं पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी. परिजन करीब तीन घंटे तक उनके आने का इंतजार करते रहे. इस दौरान उनसे संपर्क करने का प्रयास भी किया गया.
तीन घंटे बाद पहुंचे, फिर हुई बातचीत
करीब तीन घंटे बाद घाट छुड़ाने वाले राजा श्मशान घाट पहुंचे. इसके बाद भी काफी देर तक बातचीत और मान-मनौव्वल का दौर चला. लंबे प्रयासों के बाद वे शव को अग्नि देने के लिए तैयार हुए, जिसके बाद विनोद पासवान का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ.
घटना के बाद व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने श्मशान घाट की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सुचारु और सम्मानजनक बनाने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
क्या कहते हैं नप प्रशासक
नगर परिषद साहिबगंज के प्रशासक अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि शमशान घाट में , घाट छुड़ाने वाले राजा प्रतिनिधि तो है. यदि उनके द्वारा अधिक राशि लेने या कार्य में लापरवाही बरतने की शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जल्द ही बोर्ड की बैठक कर शुल्क निर्धारित करने की प्रक्रिया की जाएगी.
