गंगा की लहरों पर जल्द लोग उठाएंगे राफ्टिंग और जेट स्कीइंग का मज़ा

साहिबगंज में बाढ़ राहत कार्यों के लिए आयीं चार नयी बोटें और जेटी, डीसी ने बताया

साहिबगंज हर साल आने वाली बाढ़ की विभीषिका से गंगा किनारे स्थित साहिबगंज जिले की बड़ी आबादी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बाढ़ के दौरान नाव के अलावा, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक तेजी से पहुंचाने, बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने या किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए बोट की आवश्यकता होती है. इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से चार नई बोट खरीदी गयी हैं. गंगा के कटाव के कारण नाव और बोट संचालन में नाविकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने दो हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फ्लोटिंग जेटी का निर्माण शुरू किया है. गंगा के उस पार मनिहारी में पहले से बने जेटी की तरह यहां भी जेटी का निर्माण किया जा रहा है. डीसी हेमंत सती ने बताया कि 12 सीटों वाली चार बोट खरीदी गयी हैं. सभी पर कवर लगाया जाएगा ताकि धूप एवं पानी से सुरक्षा हो सके. जेटी के समीप छह सोलर लाईट लगाए जा रहे हैं. गंगा तट पर चार बोट और एक एंबुलेंस उपलब्ध फिलहाल साहिबगंज के नमामि गंगे घाट पर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से तीन बोट संचालित की जा रही हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक एंबुलेंस और वन विभाग की ओर से एक बोट मौजूद है. अब चार नई बोट आने के बाद गंगा में किसी भी आपदा से निपटने में जिला प्रशासन को और अधिक सहूलियत होगी. गंगा का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन में सहायक होगी फ्लोटिंग जेटी साहिबगंज. फ्लोटिंग जेटी दो हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बनायी जायेगी, जिसमें नायलॉन और मैट फ्लोटिंग का उपयोग होगा. बरसात के दौरान गंगा के जलस्तर बढ़ने पर इसे सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जा सकेगा, जिससे लोगों को आवागमन में कोई परेशानी न हो. डीसी ने बताया कि जेटी पर 30 यूनिट कैपिंग टेंट भी लगाए जाएंगे, जहां लोग बोट का इंतजार कर सकेंगे. ग्रामीण इलाकों में रात के समय अंधेरे की समस्या को देखते हुए छह उच्च क्षमता वाली सर्चलाइट खरीदी गयी है, जो पूरी तरह चार्ज होने पर 12 घंटे तक कार्यशील रहेगी. इसके अतिरिक्त, चार पोर्टेबल सोलर पावर स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे. इस योजना के तहत 20 यूनिट करबीनर पुल बनाने के लिए आवश्यक संरचनाएं, बचाव कार्यों के लिए बहुउद्देशीय सीढ़ी का निर्माण भी किया जाएगा. साथ ही 40 यूनिट लाइफ जैकेट, 40 यूनिट जलरोधी पौच, वाटरप्रूफ बूट, बैटरी ऑपरेटेड टॉर्च और प्राथमिक उपचार किट भी उपलब्ध करवाई जायेंगी. फ्लोटिंग जेटी के निर्माण से स्थानीय लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. नए वर्ष में वाटर स्पोर्ट्स यानी जल क्रीड़ा का लुत्फ उठा सकेंगे : डीसी फोटो नं 13 एसबीजी 5 है. कैप्शन: शनिवार को डीसी हेमंत सती नये वर्ष में जिले के लोग जल्द ही गंगा की लहरों के बीच वाटर स्पोर्ट्स यानी जल क्रीड़ा का आनंद उठा सकेंगे. डीसी हेमंत सती के प्रयास से साहिबगंज गंगा में एक किलोमीटर के दायरे में वाटर स्पोर्ट्स शुरू होगा. इसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से कवायद शुरू कर दी गयी है. गंगा स्नान, पूजन व दर्शन के लिए रोजाना बाहर से लोग आते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए डीसी ने गंगा तट पर कुछ प्रमुख जल क्रीड़ा शुरू कराने की योजना बनायी है. डीएमएफटी फंड से भी वाटर स्पोर्ट्स के लिए आवश्यक उपकरण खरीदे जाएंगे. इसमें तैराकी, सर्फिंग, कयाकिंग, कैनोइंग, राफ्टिंग, जेट स्कीइंग, पैरासेलिंग, स्नॉर्कलिंग, स्कूबा डाइविंग, वाटर पोलो, और वेकबोर्डिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं. गंगा में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सर्फिंग, कयाकिंग, कैनोइंग, राफ्टिंग, जेट स्कीइंग जैसी कुछ प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को ही तत्काल मंजूरी दी जायेगी. हेमंत सती, डीसी, साहिबगंज

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Published by: Abdhesh singh

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