झारखंड मिलेट मिशन के तहत मोटे अनाज की खेती को मिलेगा बढ़ावा
साहिबगंज
झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गयी मिलेट मिशन योजना के तहत साहिबगंज जिले में मडुवा, बाजरा, ज्वार, कोदो, कंगनी, सावा, चीना, कुटकी, कुटू और चोलाई जैसे मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना के तहत इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ ₹3,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. अधिकतम पांच एकड़ तक यानी ₹15,000 तक का लाभ प्राप्त किया जा सकता है. जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने बताया कि इसके लिए आवेदन प्रक्रिया चालू है. किसान प्रज्ञा केंद्र या झारखंड सरकार के पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, वंशावली और घोषणा पत्र जैसे दस्तावेज़ जमा करने होंगे. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए 2,500 हेक्टेयर भूमि पर मिलेट की खेती का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन यदि इससे अधिक क्षेत्र में खेती होती है तो भी सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा. योजना का उद्देश्य मोटे अनाजों की उत्पादकता और खेती को प्रोत्साहित करना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके और राज्य में कृषि विविधता को बढ़ावा मिले. साथ ही, मिलेट उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों एवं बीज बैंकों को नकद पुरस्कार देने का भी प्रावधान है. मोटे अनाज न केवल पोषण से भरपूर होते हैं, बल्कि ये सूखा प्रवण क्षेत्रों में भी टिकाऊ खेती के लिए उपयुक्त हैं. यह योजना छोटे व सीमांत किसानों को आय और रोजगार का नया अवसर उपलब्ध कराएगी.
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