साहिबगंज
रेल विकास के क्षेत्र में साहिबगंज एक बार फिर प्रगति की ओर बढ़ रहा है. मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष गुप्ता की पहल से पुराने लोको यार्ड के पुनरुद्धार की उम्मीदें जाग उठी हैं. हाल ही में उनके द्वारा किए गये निरीक्षण के बाद यार्ड के विस्तारीकरण, नई लाइन बिछाने और ट्रेन मेंटेनेंस कार्य शुरू करने की संभावनाएं प्रबल हो गयी हैं. निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने तकनीकी अधिकारियों के साथ यार्ड की विस्तृत समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि विस्तार की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाये. उन्होंने पुराने और अनुपयोगी क्वार्टरों का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है. सहायक अभियंता और आईओडब्ल्यू विभाग के एसएसई को निर्देश दिया गया है कि यार्ड क्षेत्र के भीतर मौजूद सभी क्वार्टरों की सूची तैयार की जाये और उनकी वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया जाये. जानकारी के अनुसार लगभग एक दर्जन जर्जर क्वार्टरों को हटाया जा सकता है, जिससे बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध होगी. इस भूमि पर नई लाइन बिछाने और 24 बोगियों की मेंटेनेंस सुविधा विकसित करने का मार्ग खुलेगा. वर्तमान में साहिबगंज में लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन सीमित है क्योंकि यहां की तकनीकी क्षमता पर्याप्त नहीं है. यही कारण है कि रेल मंत्रालय द्वारा साहिबगंज को कम प्राथमिकता दी जाती रही है. हालांकि अब परिस्थितियां बदल रही हैं. स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना से जोड़ा गया है, जिसके तहत आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार और सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से चल रहा है. गति शक्ति योजना के तहत एक रेल ओवर ब्रिज का निर्माण भी जल्द शुरू होगा, जिससे यातायात जाम की समस्या का समाधान होगा. फिलहाल दो राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों का साप्ताहिक परिचालन हो रहा है और पर्व-त्योहारों पर विशेष ट्रेनों का संचालन यात्रियों को राहत दे रहा है. लोको यार्ड के विस्तारीकरण से रेल परिचालन की क्षमता बढ़ेगी, रोजगार के अवसर मिलेंगे और साहिबगंज एक आधुनिक रेल केंद्र के रूप में उभरेगा.
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