डीसी सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले को पूर्णतः नशामुक्त बनाना तथा मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाना था. बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए डीसी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. डीसी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को गांजा, अवैध कफ सिरप तथा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सघन एवं औचक छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया. औषधि निरीक्षक को मेडिकल दुकानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न हो सके. साथ ही, नशीले पदार्थों के कारोबार में बार-बार संलिप्त अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और पिट-एनडीपीएस एक्ट के तहत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए. बैठक में शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखने और औचक निरीक्षण करने पर भी जोर दिया गया. डीसी ने विद्यालयों और महाविद्यालयों में जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों को विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित करने को कहा. उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने और आसपास की दुकानों से स्व-घोषणा पत्र भरवाने का निर्देश दिया. इसके अतिरिक्त, जिले के सीमावर्ती और दियारा क्षेत्रों तथा फेरी सेवाओं के माध्यम से होने वाले संभावित अवैध परिवहन पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया. शिक्षा विभाग को उच्च विद्यालयों और महाविद्यालयों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं तक सकारात्मक संदेश प्रभावी ढंग से पहुंच सके. बैठक में अपर समाहर्ता गौतम भगत, आईटीडीए निदेशक संजय कुमार दास, अनुमंडल पदाधिकारी साहिबगंज अमर जॉन आइन्द, राजमहल एसडीओ सदानंद महतो, सदर डीएसपी विजय कुशवाहा, राजमहल, सामान्य शाखा पदाधिकारी, औषधि निरीक्षक सहित अन्य संबंधित जिला एवं पुलिस प्रशासन के पदाधिकारी उपस्थित थे.