जिले को कब मिलेगी एनडीआरएफ की स्थायी टीम, उठने लगा है सवाल
एनडीआरएफ की तैनाती की मांग
साहिबगंज
जिले को कब एनडीआरएफ की टीम मिलेगी, यह सवाल फिर से उठने लगा है. वास्कोला घाट पर नहाने के दौरान सकरीगली निवासी दो किशोर डूब गए, जिससे घाट पर अफरातफरी का माहौल बन गया. पुलिस प्रशासन स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों किशोरों को पानी में खोजने का प्रयास कर रहा है. वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने एक स्वर में एनडीआरएफ टीम की मांग करते हुए कई सवाल उठाए हैं. उनकी बातें हैं कि आखिर क्यों एनडीआरएफ की टीम जिले में नहीं लाई जा रही है, जबकि बार-बार लोग इसे साहिबगंज में स्थायी रूप से तैनात करने की मांग कर रहे हैं. यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले, गदाई दियारा निवासी 7 वर्षीय बच्ची रानी कुमारी पानी में लापता हो गई थी, जिसे दूसरे दिन स्थानीय गोताखोरों की मदद से पानी से बरामद किया गया था. इसके तीन दिन बाद, 14 अक्टूबर को चानन निवासी भोला मंडल शाम को नहाने के दौरान पानी में लापता हो गया, जिसे अभी तक नहीं पाया जा सका है. हालांकि, दूसरे दिन पुलिस ने उसकी खोज के लिए भी गोताखोरों की मदद ली थी, लेकिन भोला मंडल अब भी लापता है. इसके पूर्व, 8 जून 2025 को बिहार के बरौनी जिले के निवासी हर्ष कुमार सोनी अपने जीजा और अन्य दोस्तों के साथ नहाने ओझाटोली घाट आए थे. पहली छलांग लगाने के बाद वह बाहर नहीं आ पाए. 24 घंटे बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया था. झारखंड का एकमात्र साहिबगंज जिला है, जहाँ गंगा नदी से होकर गुजरती है. यहां आए दिन गंगा नदी में नहाने के दौरान बड़े, बच्चे और बुजुर्ग डूबने की घटनाएँ सामने आती हैं. इसके बावजूद, यहां अब तक एनडीआरएफ की टीम तैनात नहीं की गई है. स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों के अलावा अन्य राजनेताओं से भी इस मामले में एनडीआरएफ की तैनाती की मांग की है. देखना होगा कि आखिर कब साहिबगंज में एनडीआरएफ की टीम तैनात होती है, ताकि गंगा नदी में डूबे लोगों की खोज में बड़ी सफलता हासिल की जा सके.
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