साहिबगंज. जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम का जिला स्तरीय उद्घाटन मंगलवार को हाइ स्कूल नगरपालिका कन्या विद्यालय परिसर में किया गया. उपायुक्त हेमंत सती एवं सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान ने शुभारंभ किया. मुख्य अतिथियों का पारंपरिक रूप से पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया. उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोके जाने योग्य रोग है. समय पर और सही तरीके से दवा का सेवन कर जिले को इस बीमारी से मुक्त किया जा सकता है. उन्होंने एमडीए कार्यक्रम की सफलता के लिए जनजागरूकता, जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग व समुदाय के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया. एमडीए कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया उन्मूलन के लिए डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवाओं का वितरण किया जाएगा. स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा खिलाएंगे, ताकि शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके. जानकारी दी गई कि जिले में 25 फरवरी तक लगभग साढ़े 11 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र व्यक्तियों को दवा दी जाएगी. गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को डीइसी दवा नहीं दी जायेगी. वहीं 1 से 2 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली दी जायेगी. अंत में नागरिकों से अपील की गयी कि वे अभियान में सहयोग करें. जिले को फाइलेरियामुक्त बनाने में भागीदार बनें. मौके पर डॉ महमूद आलम, डॉ अमित कुमार, डॉ किरण माला, सतीबाबू डाबड़ा, प्राचार्य मुनीजी पांडेय, अमित शांडिल्य आदि मौजूद थे.
फाइलेरिया रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : डीसी
सिविल सर्जन के साथ उपायुक्त ने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम का शुभारंभ

साहिबगंज (फाइल फोटो)