एएसआइ के पेट में उठा दर्द, इलाज के दौरान मौत

एएसआइ के पेट में उठा दर्द, इलाज के दौरान मौत

गोड्डा के पोड़ैयाहाट के रहने वाले थे जवान, साहिबगंज में थी पोस्टिंग प्रतिनिधि, साहिबगंज मुफस्सिल थाना में पदस्थापित एएसआइ सुमन बास्की की मृत्यु रविवार सुबह शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी. मौत की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना के पुलिस अधिकारी और पुलिस एसोसिएशन के सदस्य अस्पताल पहुंच गये. उनके पार्थिव शरीर को सदर अस्पताल लाया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम किया गया. इसके बाद शव को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी. अन्य अधिकारियों और पुलिस जवानों ने भी श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर एसडीपीओ किशोर तिर्की, डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा, राजमहल इंस्पेक्टर श्यामलाल हांसदा, नगर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष राम प्रसाद, सचिव सुनील शर्मा, मंटू कुमार, साहेब मुर्मू सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस जवान उपस्थित थे. तीन दिन पूर्व पेट में दर्द की हुई थी शिकायत एएसआई सुमन बास्की को 24 अप्रैल को पेट में दर्द की शिकायत हुई थी. उन्हें पहले सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बावजूद राहत नहीं मिली. बेहतर उपचार के लिए उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां स्थिति में सुधार के बावजूद रविवार की अहले सुबह उनकी मृत्यु हो गयी. पत्नी रेखा मुर्मू और पुत्र राहुल बास्की ने बताया कि 24 अप्रैल को दर्द की खबर मिलते ही परिवार ने इलाज की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. बेटी के कहने पर रेखा मुर्मू बोरियो होते हुए सड़क मार्ग से साहिबगंज पहुंचीं थीं. उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे कभी सोच भी नहीं सकती थीं कि उनके पति इतने जल्दी उन्हें छोड़कर चले जाएंगे. मम्मी आ जाओ, पापा खुश हो जाएंगे साहिबगंज में जब दिवंगत एएसआई का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के लिए लाया गया, तब पत्नी रेखा देवी बार-बार रोते हुए कह रही थीं, “मम्मी आ जाओ, पापा खुश हो जाएंगे. ” उन्होंने बताया कि बेटी के फोन कॉल ने उन्हें बेचैन कर दिया था और बिना देर किए वे साहिबगंज पहुंची थीं. अपनी बेटी और बेटे के साथ वह अपने दुःख को संभाल नहीं पा रही थीं. रेखा मुर्मू ने बताया कि पति उनके साथ चार बेटियां और एक बेटा छोड़कर चले गए हैं. दो बेटियों की शादी वह अपने जीवनकाल में कर चुके थे, जबकि दो बेटियों और बेटे की शादी बाकी है. वह बार-बार दुख व्यक्त करते हुए कह रही थीं कि अब बच्चों के भविष्य की चिंता उन्हें सता रही है. पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव एएसआइ सुमन बास्की का पोस्टमार्टम रविवार को साहिबगंज सदर अस्पताल में डॉक्टर ऋतुराज द्वारा किया गया. पोस्टमार्टम से पूर्व मृतक के परिजनों से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत बातचीत की गयी. इस दौरान नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी शशि सिंह, पुलिस संगठन के अध्यक्ष रामप्रसाद कुमार, सचिव सुनील शर्मा, मंटू कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी और पुलिस जवान भी मौजूद थे. एक वर्ष पूर्व साहिबगंज में हुई थी पोस्टिंग दिवंगत एएसआई सुमन बास्की का एक वर्ष पूर्व हजारीबाग से साहिबगंज तबादला हुआ था और उन्हें मुफस्सिल थाना में पदस्थापित किया गया था. परिजनों ने बताया कि उनकी नियुक्ति पुलिस विभाग में 27 जून 2004 को हुई थी. उनके पिता का नाम स्वर्गीय बालदेव बास्की था और वे गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट प्रखंड के बर्गच्छा हरियारी गांव के रहने वाले थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SUNIL THAKUR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >