3-4 फीट पानी में डूबा आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों की पढ़ाई अब सहायिका के घर

राजमहल प्रखंड के डेढ़गामा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 709 बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गया है. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए केंद्र का संचालन फिलहाल सहायिका के निजी आवास से किया जा रहा है.

प्रतिनिधि, मंगलहाट: राजमहल प्रखंड के सैदपुर पंचायत अंतर्गत डेढ़गामा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 709 चारों ओर बाढ़ के पानी से घिर गया है. केंद्र के आसपास तीन से चार फीट तक पानी जमा होने के कारण छोटे बच्चों के आने-जाने में परेशानी हो रही है.

बाढ़ के पानी के बीच केंद्र तक पहुंचना बच्चों के लिए जोखिम भरा हो गया है. ऐसे हालात में बच्चों के साथ-साथ सेविका और सहायिका को भी संक्रमण, सांप-कांटने और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा बना हुआ है.

बच्चों की सुरक्षा के लिए बदला केंद्र का स्थान

स्थिति को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन फिलहाल सहायिका डालिमा मंडल के निजी आवास से किया जा रहा है. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.

सहायिका गीता देवी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को आवेदन देकर केंद्र को सहायिका डालिमा मंडल के आवास में संचालित करने की अनुमति मांगी है.

पानी में डूबा केंद्र, घर से चल रही पढ़ाई

केंद्र परिसर में पानी घुस जाने और आसपास तीन-चार फीट तक बाढ़ का पानी जमा होने के कारण बच्चों को केंद्र तक लाना मुश्किल हो गया है. ऐसे में सेविका गीत देवी और सहायिका की ओर से निजी आवास में बच्चों के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं.

सेविका का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखकर पठन-पाठन कराया जा रहा है.

शिक्षा और पोषाहार प्रभावित न हो, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था

बाढ़ के कारण आंगनबाड़ी केंद्र की नियमित गतिविधियां प्रभावित हो सकती थीं. बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ पोषाहार वितरण बाधित न हो, इसके लिए सेविका ने सहायिका के निजी आवास से केंद्र का संचालन शुरू किया है.

ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने तक वैकल्पिक व्यवस्था से बच्चों को राहत मिल सकती है, लेकिन केंद्र के आसपास जलजमाव की स्थायी समस्या का समाधान भी जरूरी है.

बच्चों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता

आंगनबाड़ी केंद्र के चारों ओर पानी जमा रहने से छोटे बच्चों के लिए खतरा बढ़ गया है. ऐसे में ग्रामीणों ने भी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है.

फिलहाल सहायिका के घर से केंद्र संचालित होने से बच्चों को सुरक्षित स्थान पर सेवाएं मिल रही हैं, लेकिन बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद ही केंद्र को दोबारा मूल स्थान पर शुरू किया जा सकेगा.

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लेखक के बारे में

By दीप सिंह

दीप सिंह , 25 मार्च 2010 से प्रभात खबर से जुड़े हैं। रिपोर्टर के रूप में प्रभात खबर में कार्य शुरू किए। 2015 में राजमहल कार्यालय का मॉडेम प्रभारी बनाया गया। कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव, पड़ताल और जन समस्या की खबर पर बेहतर कार्य करने का मौका मिला। बीच के अंतराल में वर्ष 2018 से 5 अगस्त 2023 तक दैनिक हिंदुस्तान अखबार में राजमहल से कार्य किए। पुनः 12 अगस्त 2023 से अबतक वर्तमान में राजमहल मॉडेम कार्यालय के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहा हूं। प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक दोनों ही प्लेटफार्म पर बेहतर कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

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