राजमहल में 6 हजार होल्डिंग, टैक्स जमा सिर्फ 5 ने किया: घर-घर वसूली बंद, ऑनलाइन सिस्टम बना चुनौती

राजमहल में होल्डिंग टैक्स की डोर-टू-डोर वसूली बंद. 6000 धारक ऑनलाइन टैक्स जमा करने में असमर्थ. जानिए क्या है समस्या और समाधान.

प्रतिनिधि, राजमहल . राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या एक से 14 तक करीब एक माह से होल्डिंग टैक्स की डोर-टू-डोर वसूली बंद है . इससे नगर पंचायत क्षेत्र के करीब छह हजार होल्डिंग धारकों के सामने टैक्स जमा करने की समस्या उत्पन्न हो गयी है . पहले श्री पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्मी घर-घर जाकर होल्डिंग टैक्स की राशि वसूल करते थे और मौके पर ही रसीद उपलब्ध कराते थे . अब एकरारनामा समाप्त होने के बाद नगरवासियों को ऑनलाइन माध्यम से टैक्स जमा करने के लिए कहा जा रहा है .

एकरारनामा खत्म, अब ऑनलाइन जमा करना होगा टैक्स

संबंधित एजेंसी का नगर पंचायत के साथ एकरारनामा एक मई 2016 से 31 जुलाई 2026 तक था . अवधि समाप्त होने के बाद होल्डिंग टैक्स समेत विभिन्न टैक्स की वसूली ऑनलाइन माध्यम से करने की व्यवस्था की गयी है . इसके तहत होल्डिंग धारकों को नगर निकाय की ऑनलाइन टैक्स सेवा पर जाकर अपनी होल्डिंग से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी .

इसके बाद Self Assessment Form (SAF), होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस या वाटर टैक्स से संबंधित जानकारी भरकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी . ऑनलाइन भुगतान के बाद रसीद को सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था है .

कार्यपालक पदाधिकारी दानिश हुसैन ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में किसी तरह की परेशानी होने पर लोग नगर पंचायत कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं . संबंधित कर्मी लोगों को ऑनलाइन आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे .

छह हजार होल्डिंग, ऑनलाइन भुगतान की रफ्तार बेहद धीमी

नगर पंचायत क्षेत्र में करीब छह हजार होल्डिंग दर्ज हैं . जानकारी के अनुसार, पहले संबंधित कंपनी के माध्यम से प्रतिमाह करीब दो से तीन लाख रुपये तक होल्डिंग टैक्स की वसूली होती थी . डोर-टू-डोर वसूली बंद होने के बाद ऑनलाइन भुगतान की रफ्तार काफी धीमी हो गयी है .

अब तक महज तीन लोगों ने SAF के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की है . इनसे कुल 5379 रुपये टैक्स जमा हुआ है . वहीं, सिर्फ दो होल्डिंग धारकों ने ऑनलाइन माध्यम से 710 रुपये टैक्स जमा किया है . आंकड़े बताते हैं कि नई व्यवस्था के बावजूद टैक्स संग्रह की गति फिलहाल बेहद कम है .

तकनीकी जानकारी का अभाव बना बड़ी परेशानी

डोर-टू-डोर टैक्स वसूली बंद होने से बुजुर्गों, कम पढ़े-लिखे और ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं रखने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है . नगरवासियों का कहना है कि पहले कर्मी घर पहुंचकर टैक्स की राशि लेते थे और रसीद भी उपलब्ध कराते थे . अब टैक्स जमा करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है, जिससे कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है .

नगरवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से ऑनलाइन टैक्स भुगतान को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है . साथ ही नगर पंचायत कार्यालय में सहायता केंद्र शुरू करने की भी मांग की गयी है, ताकि तकनीकी जानकारी के अभाव में किसी होल्डिंग धारक को टैक्स जमा करने में परेशानी न हो .

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लेखक के बारे में

By दीप सिंह

दीप सिंह , 25 मार्च 2010 से प्रभात खबर से जुड़े हैं। रिपोर्टर के रूप में प्रभात खबर में कार्य शुरू किए। 2015 में राजमहल कार्यालय का मॉडेम प्रभारी बनाया गया। कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव, पड़ताल और जन समस्या की खबर पर बेहतर कार्य करने का मौका मिला। बीच के अंतराल में वर्ष 2018 से 5 अगस्त 2023 तक दैनिक हिंदुस्तान अखबार में राजमहल से कार्य किए। पुनः 12 अगस्त 2023 से अबतक वर्तमान में राजमहल मॉडेम कार्यालय के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहा हूं। प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक दोनों ही प्लेटफार्म पर बेहतर कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

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