साहिबगंज.
पुलिस लाइन स्थित एसपी कार्यालय सभागार में आयोजित 70वीं संताल परगना क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट 2026-27 के दूसरे दिन गुरुवार को 77 पुलिस अधिकारियों व जवानों की अनुसंधान क्षमता, फोरेंसिक दक्षता, आधुनिक तकनीकी ज्ञान का व्यापक आकलन किया गया. संताल परगना प्रमंडल के छह जिलों से पहुंचे कुल 77 प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी पेशेवर योग्यता का प्रदर्शन किया. वहीं रांची सहित अन्य क्षेत्रों से आयी ज्यूरी मेंबर ने प्रतियोगिता में शामिल अधिकारियों व जवानों की दक्षता की जांच लिखित, मौखिक व प्रैक्टिकल के जरिये लिया. गुरुवार को आयोजित प्रतियोगिताओं में मेडिकोलीगल जांच, क्राइम सीन मैनेजमेंट, पुलिस फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी, एंटी सबोटाज चेक, पुलिस स्वान दस्ता, घटना के बाद डंप रिपोर्ट तैयार करना तथा घटनास्थल से प्राप्त फुटप्रिंट के वैज्ञानिक विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर मौखिक, लिखित व प्रैक्टिकल दक्षता परीक्षा दी गयी. सभी दक्षता परीक्षा पहले व दूसरे दिन ज्यूरी मेंबर की उपस्थिति में ली गयी. इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों की अपराध अनुसंधान, साक्ष्य संकलन, वैज्ञानिक जांच पद्धति तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग की क्षमता का मूल्यांकन किया गया. विभिन्न विषयों की लिखित, मौखिक व प्रायोगिक परीक्षाएं गुरुवार देर शाम तक हुआ. विशेषज्ञों व जूरी सदस्यों की टीम प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर रही है. प्रतियोगिता में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी.
इनडोर व आउटडोर क्राइम सीन क्रिएट करके व स्वान दस्ता का प्रैक्टिकल लिया गया :संताल परगना क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट में विभिन्न विषयों की प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल 77 प्रतिभागियों को एक-एक करके मौखिक व प्रैक्टिकल परीक्षा ली गयी. इसमें इनडोर व आउटडोर हत्या सीन क्रिएट करके ज्यादा से ज्यादा सबूत तलाशना, बेहतर फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी लेने, वैज्ञानिक पद्धति, स्वान दस्ता के कार्यों सहित अन्य का दक्षता देखा गया. वहीं झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग रांची के फोटो वीडियो इन्वेस्टिगेशन दिलीप कुमार महतो ने बताया कि कहीं भी क्राइम होता है तो सबसे पहला कार्य क्राइम का फोटोग्राफी वीडियोग्राफी किया जाता है ताकि कोई भी सबूत मिस न हो. आम इंसान अगर क्राइम वाला जगह जाता है तो सबूत खत्म होने के चांस ज्यादा रहते हैं. सबूत कलेक्ट कैसे कर रहा है, इसको देखा गया. अगर सबूत डिस्ट्रॉय हो गया तो फिर दिक्कत होता है. उसमें कैसे कार्य कर रहा. इनडोर क्राइम फोटोग्राफी में फुल पीओ, फिर डेथ बॉडी किसका पड़ा हुआ है. उसका पहचान करने के लिए फोटो लेना, क्लू वन, क्लू टू, एग्जिट ओर इंट्री का फोटो वीडियोग्राफी किया जाता है. वहीं सभी प्रतियोगिता परीक्षा, प्रैक्टिकल, मौखिक परीक्षा का रिजल्ट बनाकर दुमका डीआईजी को भेजा जाएगा. उसके बाद आज रिजल्ट प्रकाशित किया जाएगा. मीट में शामिल प्रतिभागियों को मोमेंटो, सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा. मौके पर एसपी अमित कुमार सिंह, राजमहल एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी, मेजर रोहित दुबे सहित इंस्पेक्टर, एसआई, एएसआई, आरक्षी उपस्थित थे.
