?????? ??? ??? ????? ????, ????? ????? ?????? ??? ??????

राजमहल में चोर गिरोह मस्त, पुलिस तंत्र ढूंढने में व्यस्तराजमहल 3 नवंम्बरप्रतिनिधि, राजमहलचोरी के मामले में राजमहल इलाके के बाबुपुर व महाराजपुर पर पूरे देश के पुलिस की नजर है. लेकिन यहां की पुलिस वर्षों से तंत्र ढूंढने में व्यस्त है. महीने में दर्जन बार विभिन्न प्रदेशों की पुलिस इलाके में छापेमारी करती है, कई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 3, 2015 7:13 PM

राजमहल में चोर गिरोह मस्त, पुलिस तंत्र ढूंढने में व्यस्तराजमहल 3 नवंम्बरप्रतिनिधि, राजमहलचोरी के मामले में राजमहल इलाके के बाबुपुर व महाराजपुर पर पूरे देश के पुलिस की नजर है. लेकिन यहां की पुलिस वर्षों से तंत्र ढूंढने में व्यस्त है. महीने में दर्जन बार विभिन्न प्रदेशों की पुलिस इलाके में छापेमारी करती है, कई को पकड़ भी लेती है. लेकिन स्थानीय पुलिस की उपलब्धि इस मामले में शून्य रहती है. हालांकि नये एसपी के रूप में सुनील भास्कर के आने के बाद इलाके में चोरों को मुख्य धारा में जोड़ने की पहल जरूर हुई है. लेकिन वह कोई विशेष रंग नहीं दिखा पा रहा. खबर है कि दीपावली व छठ के मौके पर चोरों का बड़ा ग्रुप इस इलाके में आने वाला है. इसके साथ मोबाइल व अन्य चोरी किये गये सामानों का बड़ा खेप भी आयेगा. यह कोई नयी बात नहीं है, यह कहानी हर साल दुहरायी जाती है. लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाती. हालांकि एसपी ने कहा है कि कई सरगनाओं को चिह्नित किया गया है, जल्द ही कार्रवाई होगी.होश संभालते ही लेते हैं चोरी का प्रशिक्षणइन गांवों की स्थिती ऐसी बन गयी है कि बच्चा होश संभालते ही चोरी करने के लिए प्रशिक्षित हो जाता है. अभिभावक द्वारा भी बच्चों को शिक्षा के मुख्य धारा से नहीं जोड़ा जाता है. दोनों ही गांव के पहाड़ी इलाकों व बंद कमरों में संचालित प्रशिक्षण केंद्र में चोर गुरु द्वारा भोले भाले बच्चों को किताब कलम की जगह जेब कतरी के लिए ब्लेड थमा दिया जाता है.——————सफेद पोश का है संरक्षणये चोर गिरोह जब पुलिस के हत्थे चढ़ते हैं तो इनके मामलों को रफा दफा करने के लिए क्षेत्र के कई सफेद पोश अहम भूमिका निभाते हैं. पुलिस अभी तक सफेद पोश का पर्दाफास करने में विफल साबित हो रही है.——————–पहुंचेगा मोबाइलों का जकीरासुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चोंरो का गिरोह देश भर में चोरी के अपराध को अंजाम देकर साल के दो विशेष पर्व में अपने गांव पहुंचकर पैसे का बंटवारा करते हैं और अपने साथ लाये गये समानों को क्षेत्र सहित पश्चिम बंगाल के फरक्का व कलियाचक में खपाते हैं.——————–बच्चों की लगती है बोली :चोर गिरोह के सरगना बच्चों की बोली लगाते हैं. जिसकी राशि का भुगतान अभिभावकों को करते हैं. कई बार राशि का भुगतान नहीं होने पर बच्चें के अपहरण होने की शिकायत लेकर अभिभावक थाना भी पहुंचे हैं. इसकी खबर गिरोह की सरगना को मिलते ही राशि का भुगतान कर मामले को रफा दफा कर देते हैं.——————–क्या कहते हैं एसपीएसपी सुनील भास्कर ने कहा कि पुलिस की सुचना तंत्र से सुचना संग्रह किया जा रहा है. चोर गिरोह के कई सरगनाओं को चिह्नित भी किया गया है. पुलिस जल्द ही कार्रवाई करेगी.