तालझारी : राजमहल प्रखंड अंतर्गत कमलैन बगीचा में बीते सोमवार की रात्रि को गंगा कटाव में तीन लोगों के घर का आधा हिस्सा गंगा में समा गया. ग्रामीण पूरी रात रतजगा कर सुरक्षित स्थान की तालाश कर रहे थे.
पीड़ित बेचन पासवान, श्रीलाल पासवान व ज्योतिष पासवान ने बताया कि उनलोगों के घर के पिछले हिस्से से गंगा गुजरती है. पूर्व में कटाव होने के उपरांत बीते जून माह में कटाव निरोधक कार्य कर बोल्डर पीचिंग व गार्डवाल बनाया गया था. जो बीते रात्री गार्डवाल व बोल्डर पीचिंग गंगा के गर्भ में समा गया. जिससे अचानक कटाव तेज होने से हमसभी के घर का आधा हिस्सा गंगा में समा गया.
कटाव निरोधक कार्य की खुली पोल :ग्रामीण अजय कर्मकार, प्रकाश पासवान, विकास पासवान, भीम कर्मकार आदि ने बताया कि शोभापुर, सरकंडा, कमलैन बगीचा, चंडीपुर सहित अन्य गॉव गंगा के तट पर बसा हुआ है. सरकार द्वारा कटाव के नाम पर करोडों रुपये खर्च किये गये हैं.
लेकिन धरातल पर हवा हवाई हो जाता है. प्रशासन व संवेदक के मिली भगत से घटिया निर्माण कर ग्रामीणों को छलने का काम किया जाता है. निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत करने पर एक भी पदाधिकारियों द्वारा सुधि नहीं ली गई. जिस कारण चार माह में ही कटाव निरोधक कार्य का पोल खुल गया. ग्रामीण कटाव की समस्या से जूझ रहे हैं.
टूट सकता है जिला मुख्यालय से संपर्क: कमलैन बगीचा व सरकंडा में अचानक हो रहे गंगा कटाव से एनएच 80 सड़क पर खतरा मंडराने लगा है. गंगा नदी से एनएच 80 महज 15 फीट पर है. प्रशासन द्वारा अविलंब कटाव निरोधक कार्य नहीं चलाया गया तो राजमहल अनुमंडल से साहेबगंज जिला मुख्यालय का संपर्क टूट सकता है. ग्रामीणों के समक्ष एक ही प्रश्न है कि आखिर कब मिलेगा गंगा कटाव से निजात.
क्या कहते हैं विधायक
विधायक अनंत कुमार ओझा ने कहा कि कटाव को लेकर उपायुक्त से वार्ता की जा रही है. जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि जल्द ही कटाव स्थल का मुआयना कर पीडितों को राहत पहुंचाया जाय.
क्या कहते हैं उपायुक्त
उपायुक्त उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि मामले को लेकर एसडीओ को निर्देश दिया गया है कि कटाव स्थल की जांच करें.
