राजमहल : नमामि गंगे परियोजना के तहत दो दिवसीय गंगा महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को सिंघी दलान परिसर में गंगा नदी पर पेनल डिस्कशन से हुआ. विधायक अनंत कुमार ओझा व अनुमंडल पदधिकारी संजीव कुमार बेसरा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया. मुख्य अतिथि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से आये गंगा विशेषज्ञ डॉ यूके चौधरी ने कहा कि गंगा की अविरलता को रोकने से गंगा की निर्मलता रूक गयी है.
गंदा पानी के प्रभाव से गंगाजल जहरीला होता जा रहा है. गंगा नदी की विशेषता है कि इसमें ऑक्सीजन संग्रह करने एवं किटाणु मारने की क्षमता है. गंगा के उद्गम स्थान सभी नदियों से भिन्न है. सारी नदियां गंगा में मिलती है. परंतु गंगा किसी से नहीं मिलती है. डैम का निर्माण कर गंगा की अविरलता को रोका जा रहा है. आवश्यकता है कि यह निर्णय लिया जाये कि गंदे पानी का प्रभाव किस तरह और किस एक स्थल पर करना है.
जिससे गंगाजल को जहरीला होने से बचाया जा सके. गंगा की हर 200 किमी की दूरी पर रिसर्च सेंटर बनाना अनिवार्य है. कार्यक्रम का मंच संचालन आकाशवाणी के हरिराम द्विवेदी, नवोदय विद्यालय के डॉ संजीव कुमार ने किया.
ये थे उपस्थित : मां गंगा निसाद राज संरक्षक समिति के रमेश चोपड़ा, सजल श्रीवास्तव, भू-वैज्ञानिक डॉ रंजीत कुमार सिंह, डीएसपी अनुदीप सिंह, कार्यपालक दंडाधिकारी अमित मिश्रा, बीडीओ विजय कुमार सोनी, कार्यपालक पदाधिकारी राधेश्याम रवि, सीडीपीओ यामुन रविदास, प्रदीप अग्रवाल, पंकज घोष, संतोष यादव, किशोर जैन, नुरुल इसलाम, कार्तिक साहा, सच्चिदानंद मधुकर आदि थे.
