साहिबगंज : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ महुआ मांजी के नेतृत्व में गुरूवार को साहिबगंज पहुंची तीन सदस्यी टीम ने यहां के प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठक की और ओपन अदालत के माध्यम से महिला प्रताड़ना से संबंधित 24 मामले का निष्पादन किया.
महिला आयोग की खुली अदालत में गुरूवार को स्थानीय परिसदन में आयोजित की गई. जहां महिलाओं ने आयोग के समक्ष खुलकर अपनी बातों को रखा. अध्यक्ष महुआ मांजी ने सभी मामले को गंभीरता पूर्वक सुना. आयोग में पहुंचे 24 मामलों का निष्पादन खुली अदालत में नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि इन मामलों का निष्पादन के लिये जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया गया. महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों में अपहरण, पति प्रताड़ना, दहेज का मामला, बहला फुसलाकर शादी के नियत से लड़की को भगाने के अलावे जमीन व संपत्ति से बेदखल के मामले की जानकारी दी गई.
अध्यक्ष महुआ माजी ने कहा कि कई ऐसे मामले थे जिसका निपटारा सामाजिक स्तर पर भी किया जा सकता था. लेकिन उन मामलों का निष्पादन आयोग द्वारा कर दिया गया. लेकिन सरकार कॉलेज कोई ध्यान नहीं दे रही है, इस पर अध्यक्ष महुआ माजी ने कहा कि सारी समस्याओं से सरकार को अवगत कराया जायेगा. बैठक के बाद टीम मंडलकारा पहुंची जहां पर महिला कैदियों से जानकारी ली. जेल में खाना, पीना, नास्ता समय पर मिलने एवं टेलीफोन की सुविधा है कि नहीं की जानकारी ली. इसके बाद टॉउन हॉल के नजदीक आदिवासी बालिका छात्रावास पहुंची. जहां छात्राओं ने अपनी समस्याएं रखी. कहा गया कि कल्याण पदाधिकारी कभी नही आई है.
छात्रावास में शौचालय की कमी, पंखा व सफाई नहीं होने की बात कही. महुआ ने सभी छात्राओं की समस्याओं को सुना एवं पूरा करने की दिशा में पहल करने की बात कही. मौके पर डीसी उमेश प्रसाद सिंह, एसपी सुनील भास्कर, राजमहल एसडीओ संजीव बेसरा, एसी निरंजन कुमार, एसडीओ जितेंद्र देव, मंडलकारा अधीक्षक भागीरथ महतो, डीएसपी सीएम झा, इंस्पेक्टर अजीत कुमार, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी ॠषिकेश राय, सहित कई सीडीपीओ महिला पर्यवेक्षिका, महिला कोषांग के प्रेमलता टुडू, माला सिन्हा, फरीदा खानम, सहित कई सदस्य व मौके पर आयोग टीम के अध्यक्ष के अलावा सदस्य शबनम परवीन, किरण कुमारी, रानी संतूर, अवर सचिव चंद्रशेखर झा सहित अन्य शामिल थे. निरीक्षण के बाद पूरी टीम राजमहल रवाना हो गई.
