साहिबगंज : हर के जिरवाबाडी स्थित विभिन्न मुहल्ले में शनिवार की रात हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. इस क्रम में गुस्साये हाथी ने करीब 45 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया. वहीं हाथी को भगाने के क्रम में हाथी के पैर से कुचलने से वन विभाग के प्रभारी वनपाल बाल-बाल बच गये. वन विभाग व ग्रामीणों ने आग जलाकर सात घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को गांव से बाहर पहाड़ की ओर खदेड़ दिया.
भीड़ जमा होने पर गुस्साया हाथी :जानकारी के अनुसार जिरवाबाड़ी ओपी क्षेत्र के बड़ा पचगढ़, ज्योतिया मोड़ स्थित सामुदायिक भवन के समीप हाथी को सर्वप्रथम देखा गया था.
हाथी यहां पानी पीने के बाद आराम कर रहा था. लेकिन इसे देखने के लिए भीड़ जमा होने पर हुए शोर शराबे से हाथी भागकर छोटा पंचगढ़ पहुंच गया. इसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से हाथी को भगाने का प्रयास किया जाने लगा. इसी क्रम में एक स्थान पर अचानक हाथी ने पीछे मुड़ कर प्रभारी वनपाल भूतनाथ को सूं्ड़ से जबरदस्त धक्का दे दिया. इससे भूतनाथ दूर जाकर गिर पड़े. इसके बाद हाथी ने भूतनाथ को चारों पैरों के बीच में ले लिया और फिर एक पैर को उनके सीने पर रखने ही वाला था, लेकिन फिर हटा कर दूसरी तरफ भाग खड़ा हुआ.
इस क्रम में हाथी ने प्रधान मेघनाथ उरांव, रंजन मिश्र, जयंत मिश्र, कृष्णा, सुरेश दूबे सहित लगभग 45 घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया. इसकी सूचना पाकर जिरवाबाड़ी ओपी प्रभारी ¬षिकेश कुमार, एएसआइ उमर अली टीपू व वन विभाग के बरहरवा रेंजर आर आर तिवारी, राजमहल प्रभारी वनपाल भूतनाथ, जंग बहादुर, विजय कुमार सिंह, मनोहर मंडल व अन्य पहुंचे.
