राजमहल : योजना चले, रुपये भी खर्च हो लेकिन जब तक उस पर पदाधिकारी व आम लोग संवेदनशील नहीं होंगे उसमें टिकाउपन नहीं आ सकता. स्थानीय गंगा घाट पर नमामि गंगे योजना के तहत जो होर्डिग लगाये गये थे वे हवा में धराशायी हो गये. इसपर ना तो पदाधिकारी का ध्यान है ना किसी और का.
इतना ही नहीं योजना के शुरुआत में जितने तामझाम से पौधरोपण किया गया था वो भी बेकार चला गया. ये पौधे मवेशियों का चारा बन गया.
अब वे धरा पर दिखते भी नहीं. होर्डिग में सिर्फ लोहे का एंगल बचा है. वैसे तो इस योजना के तहत बड़ी बड़ी बातें कही जा रही है. यदि सही से योजना के कार्यो का केयर नहीं किया गया तो कहीं उसका भी हाल इस होर्डिग व पौधों की तरह ना हो जाय.
क्या कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी
नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राधेश्याम रवि ने कहा की नमामि गंगे की पूर्व में लगायी गई होर्डिग तेज हवा के कारण खत्म हो गया है. पुन: गंगा तटों पर होर्डिग लगाने की व्यवस्था की जा रही है. पौधरोपण के पौधों की जानकारी उन्हें नहीं है.
