साहिबगंज जिले के दियारा इलाके में बाढ़ का कहर
साहिबगंज : गंगा का जलस्तर बढ़ जाने के कारण कटाव का रूप विकराल होता जा रहा है. तटवर्ती इलाकों के कई घर, खेत खलिहान धीरे–धीरे गंगा में समाते जा रहे हैं. लोग घर छोड़ कर सुरक्षित जगह पर पलायन करने लगे हैं.
राजमहल व उधवा के दियारा इलाके में स्थिति ज्यादा विकट हो रही है. तिनका तिनका जोड़ कर अपने घर को बनाया था, अब अपने हाथों अपना आशियाना उजाड़ने में लगे हैं.
विधायक ने लिखा सीएम को पत्र
बाढ़ग्रस्त इलाकों के पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरण के लिए स्थानीय विधायक अरुण मंडल ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. उन्होंने प्रत्येक परिवार को यूनिट के हिसाब से 15 दिनों का राशन मुहैया कराने की मांग की है. उन्होंने पत्र में सीएम को जानकारी दी है कि वर्तमान में जिले की करीब 30 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है. बीमारी भी तेजी से फैल रही है. स्वास्थ्य व्यवस्था नदारत है जिसे दुरुस्त कराने की मांग सीएम से की है.
टापू बन गये कई गांव
बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्र के कई गांव टापू में तब्दील हो गये हैं. छोटी सोलबंधा में कई घरों में पानी घुस गया है. राजमहल, साहिबगंज, तालझारी, उधवा व बरहरवा प्रखंड के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं.
नाव के सहारे जिंदगी
गदाई दियारा रामपुर, हरप्रसाद, लालबथानी मुकरी, बलुआ, टोपरा, कोदरूजन्ना सहित साहिबगंज प्रखंड के दियारा क्षेत्र के लोग भी नाव के सहारे आवश्यक कार्य निबटा रहे हैं.
30 हजार लोग घिरे
बलिया श्रीधर पंचायत दक्षिण पलाशगाछी, पूर्वी प्राणपुर, पश्चिमी प्राणपुर, दक्षिण बेगमगंज और चांदसर, लालबथानी, किसानप्रसाद, शोभनपुर, रामपुर समेत बाढ़ में लगभग दो लाख आबादी पूरी तरह घिर चुकी है. बाढ़ग्रस्त इलाके के लोगों के सामने अब भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है.
जलस्तर खतरे के निशान से 34 सेमी ऊपर
गंगा नदी के पानी ने दियारा के लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है. रविवार सुबह गंगा नदी साहिबगंज में खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. इसकी रफ्तार बढ़ती जा रही है और अगले दिनों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना केंद्रीय जल आयोग द्वारा बताया जा रहा है.
