ओके… प्रकृति व कृषि से जुड़ा पर्व है सोहराय

वार्तासाहिबगंज: आदिवासी आस्था से जुड़ा सोहराय महापर्व है. आदिवासी विशेष कर कृषि पर आश्रित है. ऐसे में कुल देवता व प्रकृति की पूजा जरूरी है.- मनोज मरांडीसोहराय आदिवासियों का महान पर्व है. इस पर्व से जहां लोग कृषि युग की शुरुआत करते हैं. वहीं ये आपसी सौहार्द व मेल-मिलाप को भी बढ़ावा देता है.- लाउस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 11, 2015 6:02 PM

वार्तासाहिबगंज: आदिवासी आस्था से जुड़ा सोहराय महापर्व है. आदिवासी विशेष कर कृषि पर आश्रित है. ऐसे में कुल देवता व प्रकृति की पूजा जरूरी है.- मनोज मरांडीसोहराय आदिवासियों का महान पर्व है. इस पर्व से जहां लोग कृषि युग की शुरुआत करते हैं. वहीं ये आपसी सौहार्द व मेल-मिलाप को भी बढ़ावा देता है.- लाउस हांसदाप्रकृति हमें सब कुछ देती है. मौसम का बदलाव व जमीन की उपज से ही आज मनुष्य एवं पशु-पक्षियों का अस्तित्व है.- लक्ष्मी टुडूसोहराय हमे नये जोश के साथ कृषि कार्य के लिए प्रेरित करता है वहीं आपसी भाईचारा का भी संदेश देता है.- कृष्णा सिंह