प्रतिनिधि, ओरमांझी.
हमें अपनी संस्कृति व धरोहर को बचाने की जरूरत है. जतरा-मेला झारखंडी संस्कृति का प्रतीक है. झारखंडी संस्कृति को बचाये रखने व उसकी की रक्षा के लिए पुराने धरोहरों को बचाने की जरूरत है. उक्त बातें मंगलवार को ऐतिहासिक कुच्चू मेला के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद प्रो आदित्य प्रसाद साहू ने कही. विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने कुच्चू मेला के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने युवाओं को नशा का त्याग कर शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया. समारोह में प्रो साहू के जन्मदिन पर उन्हें ग्रामीणों ने गुलदस्ता देकर सम्मानित किया. मेला स्थल पर जतरा खूंटा की पूजा गांव के चतुर्देव पाहन ने किया. मेले में मिनी सर्कस, रामढेलुआ, नाव का झूला सहित बच्चों के कई मनोरंजन व खिलौनें की दुकानें सजी थी. मेला स्थल पर नागपुरी ऑर्केस्ट्रा में युवक व युवतियां थिरकते रहे. मेले में मिठाई व ईख की जमकर बिक्री हुई. इस अवसर पर पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, जिप सदस्य पूर्वी सरिता देवी, जिप सदस्य पश्चिमी कमिश्नर मुंडा, जयगोविंद साहू, मुखिया पूनम देवी, परमवीर उरांव, मीणा देवी, किसलय तिवारी, डॉ बिरसा उरांव, डॉ रुद्रनारायण महतो, रंधीर चौधरी, सुरेंद्र महतो, समुंदर पाहन, अमरनाथ चौधरी, मानकी राजेंद्र साही, नोना पाहन, बालक पाहन, लक्ष्मण उरांव, राजेंद्र महतो, शशि मेहता, आयोजन समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार, संजय कुमार, नेवालाल महतो, नितिश कुमार, द्वारिका प्रसाद, संदीप कुमार, नागेंद्र प्रसाद, अमित राज, महेंद्र महतो, शशि भूषण, विजय आनंद व हजारों ग्रामीण मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
