अधूरा निर्मित सड़क से ग्रामीण परेशान, आंदोलन की चेतावनी
प्रस्तावित सड़क अब दर्जनों गांवों के लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी का कारण बन गयी है
प्रतिनिधि, रातू.
प्रखंड के भोड़ा से चिपरा होते हुए पंचडीहा तक जानेवाली लगभग नौ किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सड़क अब दर्जनों गांवों के लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी का कारण बन गयी है. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत उक्त सड़क का शिलान्यास तीन अक्तूबर 2024 को रांची के सांसद सह केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ व हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया था. शिलान्यास के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल था. लोगों को वर्षों पुरानी सड़क समस्या के समाधान की उम्मीद जगी थी. करीब चार महीने पहले संवेदक ने निर्माण कार्य शुरू भी किया. शुरुआती दौर में पूरी सड़क पर जेएसबी (डस्ट) बिछाया गया और काम तेजी से आगे बढ़ता नजर आया. लेकिन अचानक बिना किसी स्पष्ट कारण के निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया. इसके बाद स्थिति और भी खराब हो गयी है.
धूल बनी बड़ी समस्या :
जेएसबी बिछाने के बाद सड़क पर उड़ती धूल और बारीक कणों ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है. दिन-रात वाहनों की आवाजाही से धूल के गुबार उठते रहते हैं, जिससे आसपास के घर, दुकानें और खेत प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह धूल उनके जीवन में जहर घोल रही है. बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और कई लोग सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं.
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग :
ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अभियंता और संवेदक से संपर्क कर समस्या से अवगत कराया. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. न तो सड़क का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ और न ही धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव या अन्य कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.
आंदोलन की चेतावनी :
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने या धूल से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने के लिए विवश होंगे. जिसकी सारी जवाबदेही प्रशासन की होगी.