प्रखंड अंतर्गत चूरी दक्षिणी पंचायत के टिकेतरी गांव में गर्मी में पेयजल की समस्या इन दिनों बेहद गंभीर हो गयी है. गांव के टोले में लगा सोलर जलमीनार पिछले एक महीने से खराब पड़ा है. ग्रामीणों ने बताया कि सिर्फ एक स्टार्टर में खराबी के कारण जलमीनार बंद है. इसके साथ ही पांच वर्ष पूर्व लगायी गयी सिंटेक्स की पानी टंकी भी फट चुकी है. गांव के लोगों ने बताया कि स्थानीय महिलाओं को पीने के पानी लाने के लिए पास की नदी में जाना पड़ता है. जहां वे चूआं बनाकर गंदा और दूषित पानी इस्तेमाल करने को विवश हैं. जिससे महामारी का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीण विरेंद्र गंझू, नटू गंझू, गोविंदा गंझू, पप्पू गंझू, जीतन गंझू, मालती देवी, कुंती देवी, मीना देवी और बसंती देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि गांव के सभी कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं. कोई चालू चापाकल भी नहीं है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब पांच वर्ष पूर्व 15वें वित्त आयोग की राशि से सोलर जलमीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन तब विभागीय लापरवाही के कारण नया डीप बोरिंग करने के बजाय, पहले से मौजूद एक साधारण चापाकल में ही सबमर्सिबल पंप डाल दिया गया था.
क्या कह रहे चूरी दक्षिणी पंचायत के मुखिया :
चूरी दक्षिणी पंचायत के मुखिया मलका मुंडा ने मामले में कहा कि उन्हें टिकेतरी गांव में जलमीनार खराब होने की सूचना मिली है. उन्होंने इंजीनियर को बुलाकर जलमीनार का निरीक्षण करने और एस्टीमेट बनाने के लिए कहा है. मुखिया मलका ने कहा कि दो-तीन दिनों के भीतर जलमीनार को ठीक करा दिया जायेगा, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या से राहत मिल सके.
चूरी दक्षिणी के टिकेतरी गांव में सोलर जलमीनार खराब, कुएं भी सूखे
15 खलारी 02, बंद पड़ी खराब सोलर जलमीनार के पास खड़े ग्रामीण.B
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