सिल्ली: हाकेदाग पंचायत के टेटेबंदा टोला चारलू स्थित ग्राम थान सरना स्थल में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ सरहुल मिलन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव शामिल हुईं. उन्होंने कहा कि आदिवासियों का अस्तित्व उनकी जमीन से जुड़ा है. अपने धर्म, संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने के लिए जमीन बचाना अनिवार्य है. समारोह में आदिवासी जन परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा, जिला परिषद सदस्य रेखा सोरेन, भारत आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सावन सिंह मुंडा, टाटी मुखिया रामानंद बेदिया एवं हाकेदाग मुखिया हरिपद मांझी समेत कई गांवों के ग्राम प्रधान व पाहन शामिल हुए. सभी अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाज से किया गया. सरहुल मिलन समारोह के दौरान पूरा क्षेत्र मांदर और ढोल की गूंज से गुंजायमान रहा. विभिन्न गांवों और टोलों से आए हजारों ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते सरना स्थल पहुंचे. ग्राम प्रधान धीरेंद्र बेदिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
आदिवासियों का अस्तित्व उनकी जमीन से जुड़ा है : गीताश्री
सरना स्थल में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ सरहुल मिलन समारोह का आयोजन किया गया.
