ब्लैक में मास्क बिक्री का वीडियो वायरल, कार्रवाई का आदेश

रांची की एक बड़ी दवा दुकान में ब्लैक में मास्क बेचने का वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने रांची जिला प्रशासन को उक्त दवा दुकान पर कार्रवाई का आदेश दिया है.

रांची : रांची की एक बड़ी दवा दुकान में ब्लैक में मास्क बेचने का वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने रांची जिला प्रशासन को उक्त दवा दुकान पर कार्रवाई का आदेश दिया है. वीडियो में ग्राहक से 200 रुपये मास्क के मांगे जा रहे थे और बिल भी नहीं दिया जा रहा था.

मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रांची और पुलिस को मामले में संज्ञान लेते हुए उचित दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विक्रेताओं को मालूम है और उन्हें समझना चाहिए कि मास्क और सेनेटाइजर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के दायरे में आते हैं, इसलिए इनकी कालाबाजारी एवं उचित मूल्य से अधिक दर पर बेचना अपराध है.

जमाखोरों की सूचना टॉल फ्री नंबर 1967 पर दें

रांची . राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में खान-पीने की चीजें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कोरोना से बचाव को लेकर खाने-पीने की चीजों की कोई कमी नहीं होगी. वर्तमान स्थिति में खाने-पीने की चीजों की कालाबाजारी के बारे में भी कुछ व्यापारी सोच सकते हैं. राज्य सरकार की पूरी नजर खाद्यान्न की कालाबाजारी पर है.

जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक उपाय किये जा रहे हैं. आम लोग भी जमाखोरी रोकने के लिए सरकार की मदद करें. जमाखोरों की सूचना टॉल फ्री नंबर 1967 पर सरकार को दें. चीजों को एमआरपी से अधिक में बेचने की शिकायत भी इस नंबर पर की जा सकती है. शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जायेगी. श्री सिंह ने कहा कि उपायुक्तों को विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के संबंध में भी निर्देशित किया गया है.

खाद्य सामग्रियों की नहीं है कोई कमी

रांची. कोरोना वायरस के डर से हर कोई परेशान हैं. सभी अपनी-अपनी तरह से परेशानियों को दूर करने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं. वहीं बाजार का हाल यह है कि लोग खाद्य सामग्री स्टॉक करने लगे हैं. लोग अपनी जरूरत से अधिक सामान की खरीदारी कर रहे हैं. सबसे अधिक खरीदारी चावल, दाल, आटा, तेल, चीनी, बिस्किट सहित कई सामानों की हो रही है. शहर के छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों को भीड़ से फुर्सत नहीं मिल रही है. दुकानदारों का कहना है कि मार्च के मध्य में ऐसी भीड़ कभी नहीं रहती थी.

50 से 60% बढ़ गयी है बिक्री : दुकानदारों का कहना है कि बिक्री लगभग 50 से 60% बढ़ गयी है. कांके रोड स्थित एसके जनरल स्टोर के पंकज वर्मा ने कहा कि मार्च के महीने में मार्केट डाउन रहता था. लेकिन अभी बिक्री बढ़ कर दोगुनी हो गयी है. वहीं लालपुर चौक के निकट स्थित राजस्थान शॉपी के विष्णु शर्मा ने कहा कि बिक्री 50 फीसदी बढ़ गयी है. स्थिति यह है कि जल्दी- जल्दी सामानों का ऑर्डर देना पड़ रहा है.

खाद्य सामग्रियों की आवक सामान्य

पंडरा बाजार के आटा, मैदा, चीनी, दाल के थोक व्यापारी संजय माहुरी ने कहा कि खुदरा दुकानदारों में खरीदारी बढ़ने से सामानों की डिमांड बढ़ गयी है. हर दुकान से ऑर्डर बढ़ गये हैं. लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. पंडरा बाजार में हर प्रकार के सामान उपलब्ध हैं.

खाद्य सामग्रियों की आवक सामान्य है. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. झारखंड कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के सचिव संजय अखौरी ने कहा कि एफएमसीजी आइटम की भी कोई कमी नहीं है. हैंड वॉश लिक्विड और सेनेटाइजर की काफी डिमांड बढ़ गयी है.

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लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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