गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत पर अस्पताल में हंगामा

गर्भ में ही जुड़वा बच्चों की मौत को लेकर परिजनों ने बरियातू स्थित आरपीएस अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

रांची. गर्भ में ही जुड़वा बच्चों की मौत को लेकर परिजनों ने बरियातू स्थित आरपीएस अस्पताल में जमकर हंगामा किया. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया. मामले को लेकर तेतरटोली निवासी पंकज सोनी ने बरियातू थाना में शिकायत दर्ज करायी है. पंकज ने बताया है कि उनकी पत्नी अमृता का इलाज डॉ एस सिंह की देखरेख में चल रहा था. चिकित्सक द्वारा 16 अगस्त को डिलिवरी का समय दिया गया था. सुबह में अमृता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. चेकअप करने पर चिकित्सक ने खून की कमी बतायी. उन्होंने कहा कि एक यूनिट खून चढ़ाने के बाद ही डिलिवरी करायी जायेगी. 17 अगस्त की सुबह छह बजे अमृता को लेबर पेन होने पर जब अस्पताल पहुंचे तो कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था. अस्पताल के एक स्टाफ ने चिकित्सक से फोन पर बात करने के बाद अमृता को अल्ट्रासाउंड के लिये भेज दिया. लेकिन अल्ट्रासाउंड में कोई कर्मचारी या तकनीशियन मौजूद नहीं था. काफी प्रयास के बाद बाहर से तकनीशियन को बुलाकर अल्ट्रासाउंड कराया गया. जिसके बाद पता चला कि बच्चे में कोई मूवमेंट नहीं है. जब चिकित्सक से फोन पर संपर्क किया गया, तब उन्होंने कहा कि समय के अनुसार 10.30 बजे आऊंगी. अगर ज्यादा जल्दी है तो दूसरे अस्पताल में ले जायें. अस्पताल में किसी चिकित्सक के मौजूद नहीं होने के कारण गर्भ में ही जुड़वा बच्चों की मौत हो गयी. मामले में अस्पताल के संचालक अजय सिंह ने बताया कि गर्भवती महिला एनीमिया से पीड़ित थी. महिला और उसके बच्चों को बचाने के लिये सर्जरी ही अंतिम विकल्प था. लेकिन खून की कमी से यह संभव नहीं था. परिजन खून चढ़ाने के बाद महिला को लेकर घर चले गये थे. सुबह में महिला को जब दोबारा लाया गया, तब जांच करने पर महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे मृत पाये गये. इसमें अस्पताल या चिकित्सक की कोई लापरवाही नहीं है.

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Published by: Praveen

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