SIR के तहत खलारी में 11,456 मतदाताओं का होगा सत्यापन, सात दिनों में देना होगा दावा

खलारी में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 11,456 मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा. नोटिस मिलने पर सात दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है.

खलारी (रांची): विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत वर्ष 2003 के पुनरीक्षण से जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है या मैपिंग के बाद किसी तरह की विसंगति सामने आई है, उनका सत्यापन किया जाएगा. इस संबंध में सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रणव अम्बष्ट ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बुधवार से चिन्हित मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से संबंधित बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा. बीएलओ घर-घर जाकर चिन्हित मतदाताओं को नोटिस की प्रति तामिला कराएंगे. नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों में आधार कार्ड के अलावा कोई दो दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना दावा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह बीडीओ, खलारी के समक्ष कर सकते हैं.

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11,456 मतदाताओं को जारी किया जाना है नोटिस

बीडीओ ने बताया कि खलारी प्रखंड में कुल 11,456 मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है. प्रत्येक नोटिस प्राप्तकर्ता को दावा प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी होने की तिथि से सात दिनों का समय दिया जाएगा. निर्धारित तिथि को प्रखंड कार्यालय, खलारी में संबंधित मामलों की सुनवाई की जाएगी. प्रशासन ने मतदाताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना दावा प्रस्तुत करने की अपील की है.

उन्होंने बताया कि ऐसे योग्य भारतीय नागरिक, जिनकी आयु एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष या उससे अधिक हो जाएगी और जो अभी मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं, वे प्रपत्र-6 के माध्यम से संबंधित बीएलओ के पास आवेदन कर सकते हैं. वहीं मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने अथवा किसी अन्य मतदान केंद्र या राज्य से नाम स्थानांतरित कराने के लिए प्रपत्र-8 में आवेदन संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ के पास जमा किया जा सकता है. प्रपत्र-6 और प्रपत्र-8 के आवेदनों की जांच के दौरान यदि किसी मामले में विसंगति पायी जाती है, तो संबंधित मतदाता को भी नोटिस जारी कर सुनवाई के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

ये दस्तावेज होंगे मान्य

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों में केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश, सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा एक जुलाई 1987 से पहले जारी दस्तावेज या प्रमाण-पत्र शामिल हैं. इसके अलावा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास या अधिवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी या अन्य जाति प्रमाण पत्र, जहां लागू हो वहां एनआरसी रिकॉर्ड, पारिवारिक रजिस्टर तथा सरकारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र भी मान्य होंगे. आधार कार्ड भी निर्वाचन आयोग के विशिष्ट दिशा-निर्देशों के अधीन मान्य दस्तावेज है.

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By Dinesh pandey

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