पंडालों में बिजली सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी, लाइसेंसधारी ठेकेदार से ही करायें काम

झारखंड विद्युत निरीक्षणालय ने पूजा पंडालों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं. पंडालों में दो अर्थिंग और ओवरहेड लाइनों से दूरी रखना अनिवार्य है.

रांची. गणेश पूजा से लेकर करमा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ तक पूजा पंडालों में बिजली की सजावट के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है. इसे देखते हुए ऊर्जा विभाग के विद्युत निरीक्षणालय, रांची ने राज्य भर की पूजा समितियों और आयोजकों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किये हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंडालों में अस्थायी विद्युतीकरण भारतीय विद्युत नियमावली और निर्धारित रेगुलेशन के अनुरूप ही किया जाये. प्रत्येक पूजा पंडाल में कम से कम दो अर्थिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी और सभी विद्युत उपकरणों व धातुनिर्मित संरचनाओं को उचित तरीके से अर्थिंग से जोड़ा जायेगा. इस संबंध में वरीय विद्युत निरीक्षक प्रफुल्ल कुमार गुप्ता ने सूचना जारी की है.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्युत नियंत्रण कक्ष और पैनल को भीड़भाड़ वाले स्थान से अलग सुरक्षित जगह पर स्थापित करने तथा वहां तक विद्युतकर्मियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया है. नियंत्रण कक्ष के बाहर सूचना बोर्ड लगाना भी अनिवार्य होगा. विभाग ने विद्युत लोड के अनुरूप तार का साइज निर्धारित करने और किसी भी परिस्थिति में अंडरसाइज तार का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी है.

जनरेटर का अधिष्ठापन नियमानुसार करने, क्षमता के अनुरूप मेन स्विच व चेंजओवर स्विच लगाने तथा ट्रांसफॉर्मर और एबी स्विच से छेड़छाड़ नहीं करने को कहा गया है. साथ ही थ्री-पिन प्लग-सॉकेट के इस्तेमाल और बच्चों से स्विच बोर्ड व तार दूर रखने का निर्देश दिया गया है. पंडाल और गेट को ओवरहेड बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी पर रखने का भी निर्देश दिया गया है.

रोड क्रॉसिंग की स्थिति में तारों को जीआइ बीयरर वायर के साथ उचित ऊंचाई पर ले जाने को कहा गया है, ताकि वाहनों के आवागमन में बाधा नहीं हो. संभव होने पर रोड क्रॉसिंग भूमिगत केबल से करने की सलाह दी गयी है.

नियंत्रण कक्ष में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य

विद्युत नियंत्रण कक्ष में रबर मैट, अग्निशामक यंत्र, सूखी बालू से भरी बाल्टी, विद्युत शॉक ट्रीटमेंट चार्ट, प्राथमिक उपचार बॉक्स, खतरे की मानक तख्ती और रबर हैंड ग्लव्स रखना अनिवार्य किया गया है. कटे-छंटे तार का इस्तेमाल नहीं करने तथा तारों के जोड़ को इंसुलेटिंग टेप से अच्छी तरह लपेटने को कहा गया है. कट-आउट और फ्यूज में सही साइज के फ्यूज तार लगाने का निर्देश दिया गया है.

प्रवेश-निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनायें

पंडाल परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाने तथा विद्युत कार्य में केवल आइएसआइ मार्क वाले विद्युत उपकरण और सामग्री का इस्तेमाल करने को कहा गया है. विद्युतीकरण का काम लाइसेंसधारी ठेकेदार से ही कराने तथा पूजा अवधि के लिए अधिकृत विद्युत पर्यवेक्षक रखने का निर्देश दिया गया है.

स्वीकृति के बाद ही विद्युत सजावट का कार्य करें

विद्युत निरीक्षणालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से विद्युत भार की स्वीकृति मिलने के बाद ही पूजा पंडालों में विद्युतीकरण और विद्युत सजावट का कार्य किया जाये. विभाग ने आयोजकों से बिजली का सही इस्तेमाल करने की अपील की है.

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By Sunil Choudhary

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सुनील चौधरी को बीबीसी, पैनोस इंटरनेशनल और झारखंड सरकार की फेलोशिप मिल चुकी है. विभिन्न महत्वपूर्ण और खोजी खबरों के लिए उन्हें कई संस्थानों द्वारा कई बार सम्मानित और पुरस्कृत किया गया है.

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