रांची : आदिवासी धर्म कॉलम की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है. समन्वय समिति से जुड़े देवकुमार धान ने बताया कि वह फिलहाल गुजरात के राजकोट में हैं और 11 सितंबर को रांची लौटेंगे. इसके बाद 20 सितंबर को नागपुर का दौरा कर आदिवासी समुदाय के लोगों से संपर्क करेंगे.
सभी राज्यों में कोर कमेटी बनाने की तैयारी
गौरतलब है कि समन्वय समिति की हाल में दिल्ली में हुई बैठक में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, देवकुमार धान, अभय भुंटकुंवर, प्रेमशाही मुंडा, चंदन होनहागा, दिनेश भूमिज, अमरनाथ खरवार, रमेश पाट पिंगुआ, गब्बर सिंह हेमरोम, मसूदी टूटी और सुलेमान हांसदा समेत अन्य लोग शामिल हुए थे. बैठक में झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और असम के आदिवासी समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.
बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि सात सितंबर तक सभी राज्यों से 11-11 लोगों के नाम कोर कमेटी के लिए भेजे जायेंगे. इसके अलावा 30 सितंबर तक सभी जिलों में कोर कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया गया, ताकि अलग आदिवासी धर्म की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज किया जा सके.
जनगणना में आदिवासी धर्म दर्ज कराने का आह्वान
बैठक में जनगणना में 15 करोड़ आदिवासियों द्वारा धर्म के कॉलम में 'आदिवासी धर्म' दर्ज कराने का निर्णय लेने की बात कही गयी. धर्म कॉलम की मांग को लेकर एक से 15 दिसंबर तक नासिक से दिल्ली तक पदयात्रा निकाली जायेगी. 15 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी रैली आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया.
इसके अलावा 20 दिसंबर से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में आदिवासी धर्म जागरूकता रथ निकालने पर सहमति बनी.
