सड़क पर फ्लाइ ऐश गिरने से खलारी में हवा बनी जहरीली

खलारी से गुजरने वाली स्टेट हाइवे-7 हजारीबाग-बिजुपाड़ा सड़क से फ्लाई ऐश का परिवहन जारी है. ऐसे तो सड़क मार्ग परिवहन के लिए ही बना है.

खुले हाइवा से परिवहन जारी, सांस लेने वाली हवा को कर रहा प्रदूषित

प्रतिनिधि, खलारी

खलारी से गुजरने वाली स्टेट हाइवे-7 हजारीबाग-बिजुपाड़ा सड़क से फ्लाई ऐश का परिवहन जारी है. ऐसे तो सड़क मार्ग परिवहन के लिए ही बना है. लेकिन, कई ऐसी वस्तुएं हैं, जिनके परिवहन को लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से लेकर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने विशेष गाइडलाइन जारी कर रखा है. इन्हीं में से एक है कोयला आधारित थर्मल पावर स्टेशनों से निकलने वाला फ्लाई ऐश या सीधी भाषा में कहें तो निकलने वाला राख. कोयला आधारित थर्मल पावर स्टेशनों के लिए वहां से निरंतर निकलने वाला फ्लाई ऐश का डिस्पोजल एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है. यह फ्लाई ऐश मानव जीवन सहित हवा, पानी, मिट्टी के लिए कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इन फ्लाई ऐश का सौ प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी संबंधित थर्मल पावर स्टेशनों को दी है. ट्रक व हाइवा से परिवहन के दौरान सड़कों पर गिर रहा फ्लाई ऐश वाहनों के चक्के से लगकर सांस लेने वाली हवा को प्रदूषित कर रहा है. इसे जल्द नहीं रोका गया तो खलारी की आम जनता के लिए कोरोना बीमारी से भी खतरनाक साबित होगी.

संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन का अधिकार

उल्लेखनीय है कि संविधान के अनुच्छेद 21 में आमजन को जीवन का अधिकार दिया है. इसके तहत हर नागरिक को शुद्ध हवा, पानी का अधिकार है. लेकिन, भारत का सबसे बड़ा ऊर्जा समूह एनटीपीसी की ओर से इसका उल्लंघन किया जा रहा है. एनटीपीसी प्रबंधन का तर्क है कि उन्होंने ट्रांसपोर्टर को परिवहन का जिम्मा दे दिया है. सुरक्षित परिवहन उसकी जिम्मेवारी है. जब ट्रांसपोर्टर पूरे सड़क पर फ्लाई ऐश गिराता जाय तो एनटीपीसी इसकी जवाबदेही से नहीं बच सकता है. खलारी कोयलांचल में पहले से ही छोटे बच्चे एलर्जिकल अस्थमा के शिकार हो रहे हैं.

कम उम्र में अस्थमा के शिकार हो रहे बच्चे

कम उम्र में लोगों को दमा की बीमारी हो रही है. कई लोगों के फेफड़ों में संक्रमण के कारण मृत्यु हो गयी. अस्पतालों में अक्सर छोटे बच्चे नेब्युलाइजर लगाए दिखाई पड़ जाते हैं. इन सारी परिस्थितियों को कहीं न कहीं हवा प्रदूषण से जोड़ कर देखा जा रहा है. खलारी कोयलांचल की जनता कोयले की धूल से परेशान थी ही अब फ्लाई ऐश का प्रदूषण भारी पड़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >